ब्रिटेन के पर्यटन बाजार में राजस्थान की दस्तक, नए पर्यटन अनुभवों और निवेश पर वैश्विक नजर
किलों-महलों से आगे विविध पर्यटन अनुभवों की नई पहचान
जयपुर। राजस्थान अब अपनी पारंपरिक पहचान किलों, महलों और रेगिस्तान से आगे बढ़कर वन्यजीव, ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति, इको-टूरिज्म, वेलनेस और विशिष्ट पर्यटन अनुभवों के वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी रणनीति के साथ राजस्थान पर्यटन विभाग ने वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (डब्लूटीएम) लंदन 2026 में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। 3 से 5 नवंबर तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में प्रदेश का फोकस वैश्विक ट्रैवल ट्रेड से साझेदारी, पर्यटन निवेश और नए पर्यटन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने पर है। मंगलवार को राजस्थान पवेलियन का उद्घाटन राज्यसभा सांसद एवं पद्म विभूषण सम्मानित सुधा मूर्ति, केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहित कुंते तथा ब्रिटेन में भारत के उप उच्चायुक्त कार्तिक पांडे ने किया। इस मौके पर राजस्थान पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़, वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक आनंद कुमार त्रिपाठी और अतिरिक्त निदेशक पवन कुमार जैन उपस्थित रहे।
ब्रिटेन से पर्यटक आगमन में चार गुना से अधिक वृद्धि :
राजस्थान के लिए ब्रिटेन महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार है। पिछले कुछ वर्षों के आंकडेÞ इस बाजार में प्रदेश की बढ़ती लोकप्रियता दर्शाते हैं। वर्ष 2022 में ब्रिटेन से राजस्थान आने वाले पर्यटकों की संख्या 29,532 थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 96,394, वर्ष 2024 में 1,28,994 और वर्ष 2025 में 1,33,978 तक पहुंच गई। ब्रिटेन के साथ फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्पेन राजस्थान के महत्वपूर्ण यूरोपीय पर्यटन बाजार हैं। वर्ष 2025 में फ्रांस से 1,31,270, जर्मनी से 82,703, इटली से 71,636 और स्पेन से 38,841 पर्यटक राजस्थान पहुंचे।
किलों-महलों से आगे विविध पर्यटन अनुभवों की नई पहचान :
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर व्यापक पहचान दिलाने के लिए पारंपरिक किलों-महलों की पहचान के साथ प्रदेश के नए और विविध पर्यटन आकर्षणों को भी दुनिया के सामने लाना आवश्यक है।

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