धनतेरस के साथ 6 नवंबर से शुरू होगा दीपोत्सव, इस बार छह दिन मनेगा दीपावली महापर्व
10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाईदूज के साथ होगा समापन
जयपुर। दीपावली का पांच दिवसीय महापर्व इस वर्ष छह दिनों तक मनाया जाएगा। दीपोत्सव की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस के साथ होगी और 11 नवंबर को भाईदूज के पर्व के साथ इसका समापन होगा।
इस दौरान धनतेरस, रूप चतुर्दशी, दीपावली, रामा-श्यामा, गोवर्धन पूजा और भाईदूज सहित विभिन्न पर्व मनाए जाएंगे। इस बार तिथियों के विशेष संयोग के कारण दीपावली के अगले दिन अमावस्या रहने से गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को होगी। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर-जोधपुर के निदेशक एवं ज्योतिषाचार्य डॉ.अनीष व्यास ने बताया कि दीपावली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने और रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद इसी दिन अयोध्या लौटे थे।
6 दिन इस तरह मनेगा दीपोत्सव :
6 नवंबर - धनतेरस (धन त्रयोदशी) से दीपोत्सव की शुरुआत होगी।
7 नवंबर - नरक चतुर्दशी, रूप चौदस और श्री हनुमान जयंती मनाई जाएगी।
8 नवंबर - दीपावली पर महालक्ष्मी और गणेशजी का पूजन होगा।
9 नवंबर - रामा-श्यामा के तहत लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देंगे।
10 नवंबर - गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का आयोजन होगा।
11 नवंबर - भाईदूज के साथ दीपोत्सव का समापन होगा।
धनतेरस पर होगी खरीदारी, शुरू होगा दीपदान :
डॉ. व्यास ने बताया कि धनतेरस को धन त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण इस दिन नए बर्तन, सोने-चांदी और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। धनतेरस पर धन के देवता कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इसी दिन यमराज के निमित्त दीपदान की शुरुआत भी होती है। त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10.30 बजे शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह 10.48 बजे तक रहेगी।

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