गांवों की सरकार का चुनावी रियलिटी चेक, मैदान में उतरे चुनाव आयुक्त
मतदान केंद्रों से लेकर सुरक्षा इंतजामों तक की पड़ताल
जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के बीच राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह प्रदेश के दौरे पर हैं। गांवों की सरकार चुनने के लिए चल रही चुनावी तैयारियों और जमीनी व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए वे जिला स्तर पर अधिकारियों से फीडबैक ले रहे हैं। मकसद साफ है कि चुनाव केवल कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर भी निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों। इसी कड़ी में राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सीकर स्थित जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपखंड निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पंचायती राज चुनाव की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई और मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। चुनाव आयुक्त सोमवार से 31 अक्टूबर तक छह जिलों सीकर, झुंझुनूं, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और नागौर के दौरे पर हैं।
मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाए सुरक्षा पर नजर :
समीक्षा बैठक में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं, मतदान दलों की तैनाती और चुनाव सामग्री की उपलब्धता की जानकारी ली गई। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की गई, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। चुनाव कार्य में लगे विभिन्न विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
पारदर्शिता से समझौता नहीं : राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। चुनाव से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मतदान की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। चुनाव आयुक्त के दौरे से जिला निर्वाचन तंत्र की तैयारियों पर निगरानी बढ़ी है। अधिकारियों के सामने चुनौती केवल चुनाव कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया पूरी करने की नहीं, बल्कि मतदान के दिन हर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की भी है।

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