खोहनागोरियान फैक्ट्री अग्निकांड : आग के बाद दर्दनाक मंजर, बेटे की तलाश में बिलखती रही मां
पुलिस को फैक्ट्री की भनक तक नहीं
जयपुर। खोहनागोरियान थाने के पीछे रिहायशी कॉलोनी करीम नगर में फटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बीच एक मासूम लापता हो गया। घटना के आठ घंटे बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। आशंका जताई जा रही हैं कि वह भी आग की चपेट में आ गया। करीब 15 वर्षीय रब्बिल की मां नाजमीन रोती हुई अपने बच्चे को लाने की पुकार करते हुए फफक पड़ी। रब्बिल के पिता सिकंदर एक गम्भीर बीमारी से जूझ रहे हैं। सिकंदर के दो बेटे हैं बड़ा रब्बिल और छोटा सुहान।
झुलसी हालत में मांगा पानी...
जेबा निशा ने बताया कि वह घर में बर्तन साफ कर रही थीं। तभी बाहर से बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो एक व्यक्तिबुरी तरह झुलसा हुआ था और पानी मांग रहा था। उन्होंने तुरंत उस पर पानी डाला। आसपास के लोग भी मदद के लिए पहुंच गए और उसे कपड़ा ओढ़ाकर राहत देने का प्रयास किया।
पानी पिलाने गया था रब्बिल, अस्पताल में मौत की पुष्टि
15 वर्षीय रब्बिल की हादसे के बाद लगातार लापता होने की खबरों के बाद पुलिस ने पुष्टि की है कि उसे एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए अज्ञात के रूप में भर्ती कराया था। बाद में उसकी पहचान तलाई के रहने वाले रब्बिल के रूप में हुई।
मसीहा बन बाहर निकाला
तलाई के रहने वाले हासिम अंसारी ने बताया कि आग की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर देखा कि आग से झुलसते हुए एक व्यक्ति मकान से बाहर चीखते चिल्लाते आ रहा है। उसने तुरंत आस-पास के लोगों को बुला कर खुद ने रेस्क्यू शुरू कर दिया। 3-4 जनों को बाहर निकाल कर एम्बुलेंस की से अस्पताल पहुंचाया। हासिम के साथ कॉलोनी के सोहेल खान, नौशाद अली और समीर ने साथ में मदद की। कॉलोनी के एक बुजुर्ग ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि फैक्ट्री में पटाखों पर लेवल चिपकाने का काम किया जाता है। कॉलोनी में मौत की फैक्ट्री चल रही है, जहां हर पल लोग बारूद के ढे़र पर बैठ कर काम करते हैं। इलाके में घर-घर में लेवलिंग का काम किया जा रहा है। ये लोग बाहर से आकर यहां किराए पर मकान लेकर उसमें फै्ट्रिरयां चलाते हैं।
पुलिस को फैक्ट्री की भनक तक नहीं: कागजी
कांग्रेस विधायक अमीन कागजी और रफीक खान ने मौके पर पहुंच पीड़ितो और घटना स्थल पर जायजा लिया । उन्हौंने कहा कि हादसा थाने से महज 400-500 मीटर की दूरी पर होते हुए भी पुलिस को इस अवैध रूप से चल रही फैक्ट्री का पता तक नहीं चला। यह पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान है।
हो सकता था बड़ा धमाका
स्थानीय निवासी नौशाद ने बताया कि कॉलोनी मेें हर मंगलवार को हाट बाजार लगाता है, जिसमें सैंकडों लोग आते हैं। सूचना पर आई पुलिस और स्थानीय निवासियों ने फै क्ट्री में रखे घरेलू सिलेण्डर को बाहर निकाल लिया, इससे बड़ा हादसा टल गया। गनीमत ये रही कि जयपुर में धारा-163 के कारण हाट बाजार स्थागित कर दिया गया था।
दमकल खुद हुई बीमार
हादसे के बाद मौके पर पहुंची दमकलों को दमकल कर्मियों नें धक्का लगा कर सीपीआर जैसी प्रक्रिया अपनाई। जिसके बाद वह स्टार्ट हुई तो वहां से पानी लेने के लिए रवाना हुई।

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