309 शहरी निकायों में आरक्षण की लॉटरी : 10 में से छह नगर निगमों में महिला बनेंगी महापौर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर समेत चार निगम अनारक्षित
चारों निगमों में किसी भी वर्ग का व्यक्ति मेयर बन सकता है
जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच गुरुवार को प्रदेश के 309 शहरी निकायों में निकाय प्रमुखों के पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। लॉटरी के बाद नगर निगमों में मेयर पदों का आरक्षण भी तय हो गया है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर नगर निगम को अनारक्षित रखा गया है। यानी इन चारों निगमों में किसी भी वर्ग का व्यक्ति मेयर बन सकता है। वहीं अलवर, अजमेर, भीलवाड़ा, भरतपुर और पाली नगर निगमों में मेयर पद महिला के लिए आरक्षित किया गया है। कोटा नगर निगम का मेयर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। डीएलबी निदेशालय में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा और एलएसजी सचिव रवि जैन ने विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में निकाय प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी निकाली।
309 निकायों में एससी के 50, एसटी के 11 और ओबीसी के 60 पद :
लॉटरी में कुल 309 निकायों में से 50 पद अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें 16 पद एससी महिला के लिए हैं। इसी तरह 11 पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए हैं, जिनमें 3 पद एसटी महिला के लिए आरक्षित हैं। ओबीसी के लिए 60 पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें 21 पद ओबीसी महिला के लिए हैं। शेष 188 निकाय अनारक्षित रखे गए हैं, जिनमें 62 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
दस नगर निगमों में लॉटरी के बाद तस्वीर :
नगर निगम का नाम आरक्षण
जयपुर अनारक्षित ओपन
जोधपुर अनारक्षित ओपन
कोटा ओबीसी महिला
अजमेर अनारक्षित महिला
बीकानेर अनारक्षित ओपन
उदयपुर अनारक्षित ओपन
भरतपुर अनारक्षित महिला
भीलवाड़ा अनारक्षित महिला
पाली अनारक्षित महिला
अलवर अनारक्षित महिला

Comment List