निकाय चुनाव : नामांकन का दौर खत्म, 30 हजार से ज्यादा पर्चे दाखिल
कांग्रेस का महिलाओं और युवाओं पर दांव
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया समाप्त हो गई। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए प्रत्याशियों ने अंतिम दिन बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल किए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया में 30 हजार से अधिक नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। प्रदेश में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाओं में चुनाव होना है। नामांकन प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू हुई थी। 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 30 अगस्त को रविवार का अवकाश होने के कारण प्रत्याशियों को नामांकन के लिए तीन दिन ही मिले। पहले दिन 967 अभ्यर्थियों ने 1,144 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। अब एक सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। प्रत्याशी तीन सितंबर तक नाम वापस ले सकेंगे, जबकि 4 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। मतदान 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में तथा मतगणना 14 सितंबर को होगी।
भाजपा में देर रात सहमति से बंटे टिकट :
भाजपा ने रविवार रात तक प्रदेश के 309 निकायों के 10 हजार से ज्यादा वार्डो के प्रत्याशियों के टिकट फाइनल कर दिए। लेकिन प्रदेशभर में जिन वार्डों में विवाद-असहमति थी, वहां सोमवार सुबह भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने जिलेवार निकायों के वन टू वन वार्डो पर चर्चा कर टिकट दिए गए। जयपुर में भी पांच वार्डो में जारी सूची में प्रत्याशियों के नाम नहीं थे। इन्हें भी सीधे चर्चा के बाद सीधे प्रत्याशी को फोन कर प्रत्याशी बनाए जाने की जानकारी संभाग प्रभारी स्तर से दी गई। चूंकि देर रात तक टिकट तय हुए। अधिकांश निकायों में सोमवार सुबह ही प्रत्याशी सामने आए, ऐसे में प्रत्याशियों के सिंबल विधायकों के जरिये या फिर सीधे ही आरओ ऑफिस नामांकन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के जरिये सौंपे गए। वहीं भाजपा ने निकायों में मुस्लिमों को टिकट देने का फार्मूला इस बार भी जारी रखा है। हालांकि पिछले निकाय चुनावों के मुकाबले इस बार मुस्लिमों को ज्यादा टिकट दिए हैं। जयपुर में भी 7 वार्ड प्रत्याशी मुस्लिम बनाए गए हैं।
अब डैमेज कन्ट्रोल की तैयारी, आज से बागियों से संपर्क शुरू :
प्रदेश भर में टिकट बांटने के बाद अब दावेदारी कर रहे असंतुष्टों को मनाने की भाजपा ने निकायवार रणनीति बनाई है। निकाय प्रभारी, मंत्री, विधायक, सांसद और जरूरत पड़ी तो संभाग प्रभारी बागी मैदान में नामांकन भर आए भाजपा कार्यकर्ताओं से सीधे बात कर उन्हें मनाएंगे। नामांकन वापसी कराने का प्रयास करेंगे। मंगलवार को सभी निकायों में नामांकन की निकायवार सूची तैयार कर इस पर काम शुरू होगा ताकि पार्टी प्रत्याशी को नुकसान न हो।
कांग्रेस का महिलाओं और युवाओं पर दांव :
नगरीय निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस के प्रत्याशियों की नामांकन प्रक्रिया भी सोमवार को पूरी हो गई। टिकट वितरण में कांग्रेस ने इस बार युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता देने की रणनीति अपनाई है। प्रदेश कांग्रेस ने पहले ही घोषणा की थी कि निकाय और पंचायत चुनावों में 50 साल से कम उम्र के दावेदारों को करीब 50 फीसदी टिकट दिए जाएंगे।
ऑनलाइन आवेदन में भी करीब 72 फीसदी दावेदार 50 साल से कम उम्र के थे और 50 फीसदी से अधिक आवेदन 40 साल से कम उम्र के लोगों के थे। पार्टी ने टिकट वितरण में महिला प्रतिनिधित्व, युवा चेहरों खासतौर पर जेन-जी और सामाजिक समीकरण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है। निकायों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण होने से बड़ी संख्या में महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रदेश में 10,245 वार्डों में करीब 3,356 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। हालांकि कांग्रेस ने प्रदेशभर में दिए गए टिकटों की 50 साल से कम उम्र की महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नेताओं तथा सामान्य, एससीए एसटी और ओबीसी वर्ग के टिकटों का एकीकृत आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।

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