राज्यपाल अभिभाषण पर बहस में विपक्ष का हमला : आंकड़ों पर सवाल, शिक्षा-रोजगार और प्रदूषण मुद्दों पर सरकार को घेरा
जयपुर में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक व्यवस्था पर चिंता
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्षी विधायकों ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। विधायक यूनुस खान ने अभिभाषण में प्रस्तुत आंकड़ों को विरोधाभासी बताते हुए उन्हें दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान अभी भी निचले पायदान पर है और सुधार की सख्त जरूरत।
जयपुर। विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्षी विधायकों ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। विधायक यूनुस खान ने अभिभाषण में प्रस्तुत आंकड़ों को विरोधाभासी बताते हुए उन्हें दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान अभी भी निचले पायदान पर है और सुधार की सख्त जरूरत है। खान ने आरोप लगाया कि सरकार केवल सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को ही योजनाओं का लाभ देती है, जबकि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब एक करोड़ बच्चे इससे वंचित हैं। उन्होंने इन छात्रों को भी योजनाओं के दायरे में लाने की मांग की। यूनुस खान ने सीकर में पंडित दीनदयाल के नाम से खोले गए विश्वविद्यालय में एक भी लेक्चरर पद स्थापित नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कम से कम एक प्रोफेसर की नियुक्ति तो की जाए। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार पांच साल में चार लाख नौकरियां देने की बात कर रही है, जबकि डेढ़ लाख पद ही खाली पड़े हैं। ऐसे में रोजगार को लेकर स्पष्ट योजना सामने लाई जानी चाहिए।
कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने जयपुर में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है, इसलिए सरकार पेट्रोल-डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों पर सब्सिडी बढ़ाए। वीआईपी मूवमेंट के दौरान लंबे ट्रैफिक जाम पर भी उन्होंने सवाल उठाए। बोहरा ने बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर में खेजड़ी कटाई और जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन क्षेत्रों से पलायन बढ़ रहा है। किसानों को बिजली, यूरिया और डीएपी समय पर नहीं मिलने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में भी राज्य को उसका पूरा वित्तीय हिस्सा नहीं मिल रहा। जल जीवन मिशन में ओएंडएम पॉलिसी नहीं बनने से टंकियों का उपयोग प्रभावित होने की बात भी कही। उन्होंने संविदा कर्मियों के लिए कॉरपोरेशन गठन, नगर निकाय परिसीमन, मास्टर प्लान, ओपन टेंडर और स्कूल यूनिफॉर्म सिलाई राशि के भुगतान जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा।

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