दिल्ली रूट पर निजी बस परमिट की तैयारी : रोडवेज प्रशासन ने जताया विरोध, कहा- नए निजी परमिट से रोडवेज को होगा आर्थिक नुकसान
रोडवेज का निजी बसों को परमिट देने का विरोध
जयपुर। दिल्ली रूट पर निजी बसों को उपनगरीय परमिट देने की तैयारी के बीच राजस्थान रोडवेज प्रशासन ने विरोध दर्ज कराया है। रोडवेज ने परिवहन विभाग को भेजी आपत्ति में कहा है कि कोटपूतली-शाहपुरा हाईवे और दिल्ली मार्ग पर पहले से ही पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध है, ऐसे में नए निजी परमिट जारी किए जाने से रोडवेज को आर्थिक नुकसान होगा और भविष्य की परिवहन योजनाएं प्रभावित होंगी। रोडवेज प्रशासन के अनुसार दिल्ली रूट पर राजस्थान रोडवेज की 168 बसें संचालित हो रही हैं, जबकि अन्य राज्यों के परिवहन निगमों की 64 बसें भी इस मार्ग पर चल रही हैं। इस प्रकार कुल 232 बसें एकतरफा रूप से इस रूट पर सेवा दे रही हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में अवैध वाहन भी दिल्ली मार्ग पर संचालित हो रहे हैं, जिनके विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई नहीं होने से स्थिति और जटिल बनी हुई है।
रोडवेज ने यह भी बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत 1500 नई बसें शामिल की जानी हैं तथा जल्द ही 300 इलेक्ट्रिक बसें भी बेड़े में जुड़ेंगी। इनमें से बड़ी संख्या में बसों का संचालन शाहपुरा, कोटपूतली और दिल्ली रूट पर प्रस्तावित है। वर्तमान में हीरापुरा-खाटूश्यामजी और हीरापुरा-शाहपुरा मार्ग की रोडवेज बसें भी हाईवे से होकर संचालित हो रही हैं। रोडवेज प्रशासन ने मांग की है कि निजी बसों को परमिट जारी करने से पहले उसका पक्ष सुना जाए, ताकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जा सके।

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