नीतिगत सख्ती के बीच रुपया संभला : डॉलर के मुकाबले 10 पैसे टूटकर 96.45 पर खुला, आरबीआई फैसले के बाद 96.35 पर स्थिर
दिनभर के कारोबार का उतार-चढ़ाव
जयपुर। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के बेहद अहम फैसले के बीच आज घरेलू विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई। वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी फंडों की लगातार निकासी के दबाव में बुधवार को शुरुआती सत्र के दौरान भारतीय रुपया पिछले बंद (₹96.42) के मुकाबले 10 पैसे की कमजोरी के साथ 96.45 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। सुबह 10 बजे रिजर्व बैंक के गवर्नर द्वारा नीतिगत ब्याज दरों (रेपो रेट) को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत करने की घोषणा के बाद मुद्रा बाजार में हलचल तेज हो गई।
हालांकि, केंद्रीय बैंक की इस कड़ी और हॉकश (Hawkish) कार्रवाई को विदेशी मुद्रा बाजार पहले ही काफी हद तक भांप चुका था। यही वजह रही कि दरों में बढ़ोतरी के आधिकारिक एलान के बाद रुपये में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई और स्थानीय मुद्रा निचले स्तरों से रिकवर करते हुए 96.3550 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर करीब-करीब स्थिर (Flat) हो गई।
दिनभर के कारोबार का उतार-चढ़ाव
विदेशी मुद्रा डीलरों के मुताबिक, आज के सत्र में रुपया काफी सीमित और सतर्क दायरे में घूमता रहा। जहां एक तरफ मजबूत डॉलर इंडेक्स और घरेलू शेयर बाजारों में आई गिरावट ने रुपये पर ऊपरी दबाव बनाया, वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक द्वारा लिक्विडिटी को सोखने और महंगाई पर काबू पाने के कड़े रुख से रुपये को सहारा मिला। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर-रुपया विनिमय दर न्यूनतम 96.3590 रुपये और अधिकतम 96.5800 रुपये के दायरे में बनी रही।
क्या कहते हैं बाजार के एक्सपर्ट्स?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की वैश्विक कीमतों में जारी अस्थिरता के बीच आरबीआई का यह सख्त कदम रुपये को लंबी अवधि में स्थिरता देगा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की बिकवाली की रफ्तार अगर थमती है, तो आने वाले दिनों में रुपया दोबारा मजबूती की ओर बढ़ सकता है।
बाजार का लेखा-जोखा (7 अक्टूबर 2026)
- शुरुआती भाव (Opening): 96.4500
- पॉलिसी के बाद का भाव: 96.3550
- इंट्राडे का दायरा (Range): 96.35 - 96.58
- पिछला बंद (Tuesday Close): 96.4200

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