जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक की चांदी की ज्वैलरी अब जयपुर में, ₹3 हजार से ₹3 लाख तक के आभूषणों में दिखेगी देशभर की शिल्पकला
फेस्टिव सीजन में पारंपरिक और डिजाइनर ज्वैलरी के बढ़े विकल्प
जयपुर। त्योहारों के सीजन में पारंपरिक आभूषणों के साथ कुछ अलग और आकर्षक पहनने की चाह रखने वालों के लिए जयपुर में चांदी की डिजाइनर ज्वैलरी का नया ठिकाना शुरू हुआ है। मानसरोवर स्थित पैसेफिक मॉल में शुरू हुए इस स्टोर पर जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक की आभूषण परंपराओं और राजस्थान के विभिन्न अंचलों की शिल्पकला से तैयार ज्वैलरी उपलब्ध होगी। यहां पारंपरिक राजस्थानी आभूषणों से लेकर ट्राइबल ज्वैलरी और बारीक नक्काशी वाले डिजाइन तक की विस्तृत रेंज पेश की गई है।
स्टोर का उद्घाटन संगीता बूचरा ने फीता काटकर किया। स्टोर के फाउंडर संगीता बूचरा और सुदीप बूचरा हैं, जबकि रितिक बूचरा और अवनीत बूचरा भी इस पहल से जुड़े हैं।
स्टोर की खासियत देश के अलग-अलग क्षेत्रों की आभूषण परंपराओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है। राजस्थान में चूरू, बीकानेर सहित प्रदेश के सभी जिलों की पारंपरिक ज्वैलरी के डिजाइन तैयार किए जाते हैं। इनमें रानी हार, रखड़ी, झुमके, चांदबाली और ट्राइबल ज्वैलरी जैसे आभूषण शामिल हैं। कुंदन जड़ाई और बारीक नक्काशी से सजे डिजाइन पारंपरिक कला के साथ आधुनिक फैशन का मेल प्रस्तुत करते हैं।
3 हजार से तीन लाख रुपए तक की रेंज :
यहां ₹3,000 से ₹3 लाख तक की चांदी की ज्वैलरी उपलब्ध होगी। अलग-अलग बजट और पसंद को ध्यान में रखकर तैयार की गई इस रेंज में पारंपरिक समारोहों, शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए आभूषणों के विकल्प मिलेंगे। हॉलमार्क वाले आभूषण भी उपलब्ध हैं।
अवनीत बूचरा ने बताया कि डिजाइनर ज्वैलरी तैयार करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को काम दिया जाता है। इससे पारंपरिक हस्तकला को प्रोत्साहन मिलने के साथ कारीगरों को रोजगार के अवसर भी मिलते हैं।
फेस्टिव सीजन में पारंपरिक परिधानों के साथ चांदी के आकर्षक आभूषण पहनने का चलन बढ़ने के बीच यह स्टोर ग्राहकों को क्षेत्रीय विरासत, कारीगरी और आधुनिक डिजाइन का संगम उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल है।

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