भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित हो राजस्थान का सुव्यवस्थित विकास : मुख्य सचिव
जयपुर के पास हाईटेक सिटी विकसित करने के निर्देश
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने शहरीकरण को देखते हुए जयपुर के पास हाईटेक सिटी विकसित करने, आधुनिक शहरी नियोजन अपनाने और विकास कार्यों में समन्वय व समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जयपुर। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध, समन्वित और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ शहरी विकास कार्यों को गति दी जानी आवश्यक है। उन्होंने बजट घोषणा के अनुसार जयपुर शहर के समीप हाईटेक सिटी जल्द विकसित करने के निर्देश देते हुए इसके लिए अधिकारियों को विशाखापत्तनम की क्वांटम सिटी एवं तेलंगाना की आईटी सिटी का अध्ययन करने को कहा, जिससे आधुनिक शहरी नियोजन, तकनीकी अधोसंरचना और नवाचार आधारित मॉडल को जयपुर में अपनाया जा सके।
जेडीए सभागार में शनिवार को नगरीय विकास एवं आवासन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार राजस्थान का सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नगरीय विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभाग में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को अधिवक्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने तथा न्यायालयीन प्रकरणों में राज्य सरकार का पक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों, बजट और योजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रमुख शासन सचिव यूडीएच देवाशीष पृष्टि एवं जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने वर्तमान में जारी विकास परियोजनाओं एवं भविष्य की कार्ययोजना पर आधारित प्रभावी प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान श्रीनिवास ने विभाग में पांच करोड़ से अधिक राशि के प्रगतिरत निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही नगरीय विकास विभाग की बजट घोषणाओं वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की वर्तमान स्थिति, सड़कों की मरम्मत, नवीनीकरण एवं गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े कार्यो, सीबीयूडी ऐप के प्रभावी उपयोग तथा विभिन्न शहरों के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान की वर्तमान स्थिति एवं आगामी रूपरेखा पर चर्चा की।

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