शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति की त्रिवेणी प्रवाहित : श्रद्धालुओं की भीड़, भजन-कीर्तन और अखंड ज्योत से गूंजा शहर
श्याम मंदिरों में सजा लखदातार का दरबार
वैशाख शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी श्रद्धा और उत्साह से मनाई। गोविंद देवजी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में पंचामृत अभिषेक, विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना। दुर्लभ योग के कारण श्रद्धालुओं ने व्रत रखा। सरस निकुंज में मोहिनी रूप सज्जा की, श्याम मंदिरों में भजन-कीर्तन और अखंड ज्योत से वातावरण भक्तिमय।
जयपुर। वैशाख शुक्ल पक्ष सोमवार को मोहनी एकादशी के रूप में मनाई गई। मंदिरों में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास की त्रिवेणी प्रवाहित हो उठी। आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर (श्री गोविंद धाम) में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक कर लाल रंग की सूती पोशाक धारण कराई गई। एकादशी पर धु्रव, अमृत सिद्धि एवं त्रिपुष्कर योग का अत्यंत दुर्लभ योग होने से श्रद्धालुओं ने व्रत रखा। सुभाष चौक पानो का दरीबा स्थित श्री शुक संप्रदाय की प्रधान वैष्णव पीठ श्री सरस निकुंज में ठाकुरजी को मोहिनी रूप से सजाया गया। श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में श्री राधा सरस बिहारी सरकार का वेदोक्त मंत्रोच्चार से अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कराई है। ऋतु पुष्पों से मनोरम श्रृंगार किया। श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बडेÞ भैया के निर्देशन में एकादशी पदों से ठाकुर जी को रिझाया गया।
श्याम मंदिरों में सजा लखदातार का दरबार :
एकादशी पर श्याम प्रभु के मंदिरों में भक्तों ने भजनों और कीर्तन के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट की। पूरे दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। रामगंज बाजार के कांवटियो का खुर्रा स्थित श्री श्याम प्राचीन मंदिर में महंत पं.लोकेश मिश्रा के सान्निध्य में अखंड ज्योत प्रज्जवलित कर श्याम भजन संध्या का आयोजन किया।

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