आईटी कंपनी का अकाउंटेंट ही निकला गबन का आरोपी, 75 लाख परिचितों के खातों में ट्रांसफर; करोड़ों का शक
शांतिभंग में हिरासत
जोधपुर। बासनी औद्योगिक क्षेत्र की एक आईटी कंपनी में दो साल से अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत कर्मचारी पर 75 लाख रुपए के गबन का आरोप लगा है। कंपनी के हिसाब-किताब का जिम्मा संभालने वाले कर्मचारी ने कथित तौर पर लाखों रुपए अपने परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। कंपनी प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। पिछले पांच-सात दिन से चल रही ऑडिट में वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद गुरुवार को बासनी थाने में मामला दर्ज कराया गया। कंपनी ने प्रारंभिक तौर पर 75 लाख रुपए के गबन की शिकायत दी है। ऑडिट जारी होने के कारण रकम करोड़ों रुपए तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी अकाउंटेंट को शांतिभंग के आरोप में पकड़ा है, जबकि गबन के मामले में उसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है।
बासनी थाने के एएसआई पप्पाराम ने बताया कि हड्डी मिल क्षेत्र स्थित आनंद राठी आईटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजर नैनोमैक्स, शिकारगढ़ निवासी प्रदीप सिंह पुत्र नरेंद्रसिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत आशापूर्णा सिटी, बोरानाडा निवासी अर्पित जैन पुत्र राजेंद्र जैन ने कंपनी की रकम में हेरफेर किया। आरोप है कि उसने कंपनी के खातों से लाखों रुपए अपने परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
ऑडिट में सामने आया हेरफेर, अब दो साल के लेनदेन की जांच अहम
कंपनी में वित्तीय लेनदेन की जांच के दौरान गबन का मामला सामने आया। प्रारंभिक ऑडिट में 75 लाख रुपए का हेरफेर बताया गया है। हालांकि पूरी ऑडिट अभी बाकी है। ऐसे में गबन की वास्तविक रकम कितनी है और किन-किन खातों में पैसा भेजा गया, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद होगा। आरोपी पिछले दो साल से कंपनी में कार्यरत था।
शांतिभंग में हिरासत, गबन के मामले में गिरफ्तारी शेष
एएसआई पप्पाराम ने बताया कि गुरुवार को कंपनी मैनेजर की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी अर्पित जैन को शांतिभंग के आरोप में हिरासत में लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है। गबन के प्रकरण में फिलहाल गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन और कंपनी के ऑडिट रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी।

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