Voice Of Youth : रिश्वतखोरों पर ऐसी चोट हो कि घूस लेने से पहले कांप उठें हाथ!
रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ शिकायत और सबूत बनें हथियार
कोटा। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की जड़ें तभी कमजोर होंगी, जब रिश्वत देने से इनकार करने वाला आम आदमी भी व्यवस्था के खिलाफ मजबूती से खड़ा होगा। सरकारी काम के बदले पैसे मांगने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए कि वे रिश्वत लेने से पहले हजार बार सोचे। दैनिक नवज्योति के ‘वॉइस ऑफ यूथ’ में युवाओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी बेबाक राय रखते हुए सख्त कार्रवाई, ऑनलाइन कार्यप्रणाली और सामूहिक विरोध को जरूरी बताया।
हर काम की पारदर्शिता हो
सरकारी विभागों में हर छोटे-बड़े काम के लिए ऑनलाइन प्रणाली होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का काम अटका हुआ है, तो उसे स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि देरी क्यों हो रही है और काम कितने दिन में पूरा होगा। इसके बावजूद कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार तत्काल कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उसे विभाग से बर्खास्त कर देना चाहिए।
-अभिषेक कुमार, स्टूडेन्ट
आमजन को एकजुट होना चाहिए
भ्रष्टाचार के खिलाफ आमजन को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए। यदि कोई कर्मचारी काम करने से मना करता है और रिश्वत मांगता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत करनी चाहिए। जनता की एकजुटता से रिश्वत मांगने वालों पर दबाव बनेगा तो उनकी मनमानी पर अंकुश लगेगा।
-कोमल मीणा, स्टूडेन्ट
लग्जरी लाइफ का चस्का, भ्रष्टाचार की वजह
सरकारी कर्मचारियों को अच्छा वेतन मिलने के बावजूद रिश्वत मांगना बेहद गलत है। आज कई जगह बिना पैसे दिए काम नहीं होने की शिकायतें सामने आती हैं। सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष नीति बनानी चाहिए। रिश्वत लेते पकड़े जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो और शिकायतों की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों को नियमानुसार दंड मिले। गंभीर मामलों में जांच पूरी होने तक नियमानुसार निलंबन और वेतन संबंधी कार्रवाई पर भी विचार होना चाहिए। यदि हो सके तो उसे तुरन्त प्रभाग से बर्खास्त कर देना चाहिए।
-प्रेरणा वर्मा, स्टूडेन्ट
रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ जुटाएं सबूत
सरकारी विभागों में रिश्वत मांगने की घटनाओं के खिलाफ लोगों को जागरूक होना चाहिए। रिश्वतखोरी के सबूत सामने आने से संबंधित एजेंसियों और विभागों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, वीडियो बनाने या वायरल करने के बजाय सबूतों को सुरक्षित रखते हुए संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी को सौंपना अधिक उचित है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और कानूनी कार्रवाई की जा सके।
-जतिन बैरवा, स्टूडेन्ट

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