शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में समझदारी, संतुलन और धैर्य से करें निवेश

एक जगह न लगाएं पूरी पूंजी, वित्तीय जानकारी और विविधीकरण से घटाएं जोखिम

शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में समझदारी, संतुलन और धैर्य से करें निवेश
विशेषज्ञों की सलाह—भेड़चाल और लालच से बचें, जोखिम के अनुसार बनाएं निवेश की रणनीति ।

कोटा । दैनिक नवज्योति की मासिक परिचर्चा (टॉक शो) की श्रंखला में मंगलवार को स्टॉक मार्केट में उतार चढ़ाव के बीच निवेशक अपने पैसे को कहा निवेश करें। ( स्टॉक मार्केट वॉलेटिलिटी: व्हेयर शुड इनवेस्टर पुट देयर मनी) विषय पर आयोजित की गई। इस टॉक शो में स्टॉक मार्केट से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इनमें निवेश गुरू,शेयर ब्रोकर, शेयर कंसल्टेंट,सेबी काउंसलर,कंपनी सैकेट्री,सीए,यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर्स,व्यापार उद्योग जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। परिचर्चा में कहा गया कि बाजार की उथल पुथल को रोकना संभव नहीं है। इसके इंटरनल और एक्सटर्नल बहुत से कारण हो सकते हैं। ऐस समय में निवश की सही रणनीति वही है जिसमें सुरक्षा,जोखिम और संभावित रिटर्न  के बीच संतुलन हो। लोगों को 50:30:20 रेश्यो एप्लाई करना चाहिए। इसके साथ भेड़चाल और लालच से दूर रहकर समझदारी और वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेकर ही अपना पैसा निवेश करना चाहिए।  

निवेश की असली कुंजी: चार प्रमुख सूत्र
1. समझदारी — बिना जानकारी और विश्लेषण के निवेश न करें।
2. संतुलन — जोखिम और संभावित रिटर्न के बीच तालमेल रखें।
3. धैर्य — बाजार के उतार-चढ़ाव में जल्दबाजी से बचें और दीर्घकालीन लक्ष्य पर ध्यान दें।
4. विविधीकरण — पूंजी को अलग-अलग निवेश विकल्पों में बांटकर जोखिम संतुलित करें।

निवेश से मजबूत होती है देश की वित्तीय स्थिति
हर व्यक्ति को किसी ना किसी रूप में अपने धन का कुछ हिस्सा निवेश अवश्य करना चाहिए। निवेश करने से देश की वित्तीय स्थिति मजबृूत होती है। फिर चाहे वह इक्विटी मार्केट में निवेश किया जाए या  अन्य किसी सुरक्षित जगह। लेकिन जिस भी जगह निवेशक अपना धन निवेश कर रहा है उसके बारे में पूरी जानकारी कर लेना चाहिए। भारत में करोड़ों लोग शेयर मार्केट में पंजीकृत हैं। भारत की तुलना में विदेशों में कई गुना अधिक लोग इक्विटी मार्केट में निवेशक हैं। कई देश भारत से छोटे होने के बाद भी वहां की वित्तीय स्थिति भारत से अधिक मजबूत है। इसका कारण निवेश है।  निवेश हमेशा ऐसी जगह पर करना चाहिए जहां लाभ की संभावना अधिक हो। हालांकि शेयर मार्केट हो या व्यापार, उतार चढ़ाव का दौर आता जाता रहता है। हमें अपनी सोच और समझ के साथ पूरी जानकारी कर लेने के बाद निवेश करना चाहिए। क्यों कि निवेश की सीमा,और समय हरेक के लिए अलग अलग हो सकता है। निवे५ऋशक को धैर्य बनाए रखना इसकी पहली प्राथमिकता है।
-गोविंद राम मित्तल, संस्थापक अध्यक्ष दी एसएसआई एसोसिएशन

सुरक्षित जगह पर करें निवेश
बचत और निवेश में फर्क होता है। कागज के रूप में रखी गई धन की बचत का मूल्य इनफ्लेशन में कम होता है। जबकि उसी धन को सुरक्षित जगह पर निवेश करने से उसका मूल्य हमेशा बढ़ता ही है। जब हम बीमार होते हैं तो डाक्टर के पास जाते हैं। वह इलाज बताता है। इस काम में भी हमें विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।  फिर आप चाहे म्यूचुअल फंड में लगाएं,शेयर में लगाएं लेकिन पूरी जानकारी के साथ काम करेंगे तो ही सफल होंगे।  वैसे एसआईपी में किया गया निवेश सबसे सुरक्षित है। शेयर मार्केट में उतार चढ़ाव को कोई नहीं रोक सकता। आवश्यकता है कि शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले इसकी जानकारी होनी चाहिए कि कब , कहां और कितना निवेश करना है। निवेशक को निवेश करते समय रिस्क लेनी पड़ती है। जितनी बड़ी रिस्क होगी उतना ही अधिक लाभ भी होगा। लेकिन सोच समझकर सुरक्षित जगह पर ही निवेश किया जाएगा तो लाभ की संभावना अधिक रहेगी।
-पंकज लड्ढ़ा, निवेश गुरू व चैयरमेन इनवेस्ट आज फोर कल 

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डाकघर और आरडी में सबसे सुरक्षित 
इंडिया में अधिकतर लोग एक दूसरे को देखकर निवेश करने लगते हैं लेकिन बिना जानकारी के निवेश करने पर नुकसान की संभावना अधिक रहती है। जबकि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी बचत का अधिक हिस्सा सुरक्षित निवेश के हिसाब से डाकघर व आरडी में करना चाहिए। इनमें नुकसान की संभावना नहीं रहती। हालांकि शेयर मार्केट व स्टॉक मार्केट की तुलना में मुनाफा कम हो सकता है लेकिन नुकसान नहीं होगा। व्यक्ति को बचत के साथ ही निवेश भी करना चाहिए। लेकिन निवेश करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी करनी चाहिए। स्टॉक मार्केट में लालच हमेशां नुकसान पहुंचाता है। 
- जे.के. जैन, निदेशक बरखा इनवेस्टमेंट तलवन्डी कोटा 

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भेड़ चाल  नहीं  सोच समझकर करें निवेश 
मार्केट में उतार चढ़ाव कोई रोक नहीं सकता है। यह कई कारणों पर निर्भर करता है। हमेशा से होता रहा है और होता रहेगा।निवेश का एक विकल्प सभी के लिए नहीं हो सकता। ऐसे में  एक साथ पूरी पूंजी से नहीं खेलें। उसे अलग अलग सैक्टर और अलग अलग समय पर निवेश करें।  युवा पीढ़ी के पास धैर्य की कमी है। इस कारण से वह कम समय के लिए अधिक लाभ के साथ निवेश करते है। मार्केट में निवेश के कई विकल्प हैं उनकी जानकारी के बाद ही सुरक्षित जगह पर निवेश करना ही बेहतर रहता है। कई लोग भेड़ चाल में आकर बिना सोचे समझे निवेश करते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। हमेशा अपने धन को निवेश करते समय सोच समझकर व पूरी जानकारी करने के बाद ही निवेश करना चाहिए। 
-पुरुषोत्तम गोयल, म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर,अग्रवाल इनवेस्टमेंट कंसल्टेंट

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जरूरत के हिसाब से करें निवेश
हर व्यक्ति बहुत जल्दी अमीर बनने की लालसा रखता है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी। कई लोग अपनी हैसियत से अधिक निवेश कर देते हैं लेकिन मार्केट में उतार चढ़ाव होने पर वह उससे होने वाले नुकसान को सहन नहीं कर पाते। ऐसे में निवेशक को अपनी जरूरत के हिसाब से कोई 50 फीसदी तो कोई 20 फीसदी निवेश कर सकता है। किसी भी जगह पर अपने धन का निवेश करते समय उसकी जानकारी करना आवश्यक है।  दूसरों के बहकावे में आकर किए गए निवेश से नुकसान की संभावना अधिक रहती है। वैसे सोना और प्रोपर्टी में निवेश सबसे सुरक्षित है। युवाओं को लम्बे समय के लिए निवेश करना चाहिए जबकि अधिक कम उम्र वालों को दीर्घ  निवेश करना लाभदायक होता है।
-प्रो.मीनू माहेश्वरी, एचओडी डिपार्टमेंट आॅफ कॉमर्स कोटा यूनिवर्सिटी

निवेश सरकारी एजेंसी में ही ठीक
पहले लोग बचत अधिक करते थे। लेकिन वर्तमान में युवा पीढ़ी बचत की जगह निवेश पर अधिक फोकस कर रही है। जितना कमा रहे हैं उतना ही खर्च कर रहे हैं। कई लोग अधिक लाभ के लालच में निवेश करते हैं तो नुकसान की संभावना रहती है। जबकि निवेश ऐसी जगह पर करें जहां नुकसान कम हो और टैक्स भी नहीं लगे। जीपीएफ में बिना टैक्स निवेश होता है। वरिष्ठ नागरिक हो या युवा पीढ़ी। निवेश टुकड़ों में और सरकारी एजेंसी में ही करना चाहिए। जिससे नुकसान की संभावना कम रहते है। हालांकि सरकार को निवेश पर टैक्स कम करने की नीति बनानी चाहिए। शेयर मार्केट में उतार चढ़ाव की संभावना अधिक रहती है जबकि जीपीएफ में मुनाफा कम मिलता है लेकिन नुकसान की संभावना नहीं रहती।
-प्रो.अशोक गुप्ता, रिटायर्ड  प्रिंसिपल गवर्नमेंट आर्टस गर्ल्स कॉलेज

जल्दी अमीर बनने के लिए निवेश नहीं करें
निवेशक को अपना धन का जितना भी हिस्सा निवेश करना है तो उसके लिए धैर्य रखने की जरूरत होती है। निवेश हमेशा लम्बे समय के लिए करना अधिक लाभकारी होता है। जल्दी अमीर बनने के लिए निवेश नहीं करना चाहिए। वर्तमान में युवा पीढ़ी निवेश पर अधिक विश्वास कर रही है। निवेशक को रिस्क लेना ही पड़ता है। शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव होने की संभवना रहती है मार्केट कभी भी एक जैसा नहीं रहता। हमेशा लाभ ही हो ऐसा भी नहीं है। लेकिन धैर्य के साथ निवेश करेंगे तो लम्बे समय में लाभ होना स्वाभाविक है। शेयर में गिरावट होने पर एकदम से विड्रो नहीं करना चाहिए।
-दीक्षा दुग्गड़, कंपनी सेकेट्री आईसीएसआई

जितना अधिक रिस्क, प्रोफिट उतना ज्यादा
जिस तरह से व्यापार में उतार-चढ़ाव होता रहता है। उसी तरह से शेयर मार्केट में भी उतार चढ़ाव का क्रम बना रहता है। व्यापारी हो या अधिकतर लोग साइड विजनेस के रूप में शेयर में निवेश करते हैं। निवेश करने से पहले अधिकतर लोगों को उसकी जानकारी नहीं रहती है। हालांकि निवेश करने से पहले सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए और सुरक्षित जगह पर ही निवेश करना चाहिए। कोटा में जहां पहले अधिकतर निवेशकों ने एक ही ट्रेड में निवेश किया लेकिन वर्तमान में उस ट्रेड की हालत खराब होने से नुकसान हो रहा है। जबकि अलग-अलग जगह पर निवेश करने से नुकसान की संभावना कम रहती है।  व्यापार की तरह ही शेयर मार्केट में भी रिस्क तो रहती ही है।
-अशोक माहेश्वरी

बचपन से ही निवेश करना सिखाना चाहिए
पहले अधिकतर लोग सोना चांदी में निवेश करते थे। लेकिन समय के साथ बदलाव हुआ तो अब लोग शेयर मार्केट व म्यूचल फंड में निवेश करने लगे हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए निवेश करना अच्छा है। इससे महिलाओं की आत्म शक्ति बढ़ती है। बचपन से ही निवेश करना सिखाना चाहिए। किसी भी जगह पर निवेश करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी भी होनी चाहिए। शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव का दौर चलता रहता है। ऐसा नहीं है कि हमेशा मुनाफा ही होगा। हर व्यक्ति लाभ के लिए ही निवेश करता है लेकिन नुकसान होने पर घबराना भी नहीं चाहिए। बल्कि उसका सामना धैर्य के साथ करना चाहिए।
-विभा शर्मा ,डायरेक्टर सीएसटी इंस्टीट्यूट

खानदानी कंपनियों में निवेश करें 
यदि कोई शेयर मार्केट, म्यूचल फंड सहित अन्य विभिन्न जगहों पर इन्वेस्ट कर रहा है तो वहां के बारे में जानकारी कर ले, टीवी सहित अन्य सोशल मीडिया पर आने वाले विज्ञापनों को देखकर इन्वेस्ट नहीं करे। जो पुरानी कंपनियां है उनमें इन्वेस्ट करे, देखा जाएं तो अन्य देशों की अपेक्षा इन्वेस्ट करने के लिए भारतीय मार्केट अच्छा हैं। स्टॉक मार्केट ही देश की जीडीपी निर्धारित करता है। यदि देश की जीडीपी ग्रोथ लगातार बढ़ती है तो देश भी ग्रोथ ही करता हैं। वियतनाम सरकार ने जीडीपी के आधार पर अपने प्रत्येक नागरिक को एक-एक लाख रुपये दिए थे, वहीं यहां सरकारें टैक्स जुटाने में लगी रहती हैं।
-रामबाबू विजयवर्गीय,अरिहन्त केपिटल मार्केट लिमिटेड

अलग अलग सैक्टर की कंपनी में निवेश करें
देखा जाएं तो जो भी पैसों को इन्वेस्ट करना चाहते है वे एक जगह पर इन्वेस्ट नहीं करे, थोड़ा -थोड़ा पैसा विभिन्न जगहों पर इन्वेस्ट करे। जैसे की म्यूचल फंड, आरडी, एफडी, पोस्ट आॅफिस सहित अन्य जगहों पर निवेश करना चाहिए। जिससे यदि कोई कपंनी के वित्तीय हालात खराब हो या फिर कंपनी डूब गई तो ऐसी स्थिति में एक ही जगह पर पैसा डूबेगा। मेरे हिसाब से सुरक्षित निवेश का तरीका पोस्ट आॅफिस की विभिन्न स्कीम है। व्यक्ति को एक जगह पर पैसा नहीं लगाना चाहिए, थोड़ा - थोड़ा इन्वेस्ट सभी विभिन्न स्कीम में करना चाहिए।
-संजय जैन, एसएमसी गलोबल, (केपी इनवेस्टमेंट)

निवेशकों से  लें सलाह
किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले इन्वेस्टर से सलाह लेनी चाहिए, साथ ही खुद के विवेक से भी निर्णय ले, किसी को देखकर जल्दीबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए। देखा जाएं तो लॉग टर्म इन्वेस्ट करें। इन्वेस्ट करने से पहले मार्केट में कंपनी की वेल्यू पता करे, उसके बारे में जानकारी करे, उसके बाद खुद के स्तर पर जानकारी जुट कर ही निर्णय ले। यदि इन्वेस्ट करने के बाद यदि नुकसान हो जाएं तो, ऐसी स्थिति में धैर्य बनाएं रखे।
-अंकुर गुप्ता, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
 
हर एक को फाइनेंस लिट्रेसी पढ़ाई जानी चाहिए
किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उस कपंनी व उसके शेयर के बारें में जानकारी ले, साथ ही कंपनी के इंटरनल व एक्सटर्नल फैक्टर्स के बारे में जानकारी कर लें क्योकि कंपनी में दोनों ही फैक्टर महत्वपूर्ण हैं। वहीं कुछ ऐसे फैक्टर होते है जो कि किसी के हाथ में भी नही ं होते है, जैसे की मिडिल ईस्ट तनाव, कोई बड़ी घटना, इलेक्शन सहित अन्य विभिन्न घटनओंों से शेयर बाजार मेंअस्थिरता आती है। साथ ही देखा जाएं तो यूएसएस व चाइना मार्केट का भी असर पड़ता है। वहीं हर आयु वर्ग के अनुसार प्लानिंग करके लॉन्ग-टर्म का निवेश करना चाहिए। साथ ही विभिन्न पार्ट में सेविंग करना चाहिए। निवेश करने से पहले मार्केट का रिसर्च करें, कभी भी मार्केट में डबल रिर्टन जैसा कुछ नहीं होता हैं। ट्रेडिंग के लिए टेक्निकल जानकारी होना जरूरी हैं। साथ ही निवेश करने से पहले फाइनेंशियल लिटरेसी की भी समझ होना जरूरी हैं।
-डॉ़ सारिका अंकित सारस्वत, सेबी स्मार्ट ट्रेनर

निवेशक में नुकसान को संभालने की क्षमता होने चाहिए
किसी भी कंपनी या अन्य में इन्वेस्ट करने से पहले उसके बारे में जानकारी कर लेंवे क्योकि फिक्स नहीं है कि हर बार आपको रिर्टन अच्छा हीं मिले, यदि रिस्क ज्यादा हो तो सोच-समझकर की निवेश करे।सुरक्षित निवेश करना है तो एक से अलग -अलग जगह पर निवेश करना चाहिए, एक ही कंपनी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। किसी को देखकर निवेश नहीं करना चाहिए। निवेश करने से पहले मार्केट का रिसर्च करे, इन्वेस्टर से बातचीत करे व खुद के निर्णय से ही निवेश करे। किसी कंपनी में भी इन्वेस्ट करने से पहले से जांच-पड़ताल करे जिससे अनावश्यक नुकसान से बचा जा सकता है। इसके अलावा, यदि कभी बाजार में गिरावट आए, तो निवेशक में नुकसान को संभालने की क्षमता और धैर्य दोनों होने चाहिए।
- अनिल मूंदड़ा, प्रेसिडेंट केट, पूर्व प्रेसिडंट एसएसआई  कोटा

निवेश की असली कुंजी: चार प्रमुख सूत्र
1. समझदारी — बिना जानकारी और विश्लेषण के निवेश न करें।
2. संतुलन — जोखिम और संभावित रिटर्न के बीच तालमेल रखें।
3. धैर्य — बाजार के उतार-चढ़ाव में जल्दबाजी से बचें और दीर्घकालीन लक्ष्य पर ध्यान दें।
4. विविधीकरण — पूंजी को अलग-अलग निवेश विकल्पों में बांटकर जोखिम संतुलित करें।

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