असर खबर का : कोटा में पशु चिकित्सकों के 15 नए पदों पर नियुक्ति, उपचार व्यवस्था में सुधार की जगी उम्मीद
अब बीमार पशुओं के उपचार में आएगी तेजी
कोटा। पशुपालन विभाग में लंबे समय से रिक्त चल रहे पशु चिकित्सकों के पदों के कारण प्रभावित हो रही पशु चिकित्सा व्यवस्था में अब सुधार की उम्मीद जगी है। राज्य सरकार ने कोटा जिले में 15 नए पशु चिकित्सकों की नियुक्ति की है। इससे बीमार पशुओं को समय पर उपचार मिलने के साथ ही पशुपालकों को भी राहत मिलने की संभावना है। अब तक चिकित्सकों की कमी के चलते विभागीय कामकाज और ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के उपचार की व्यवस्था पर असर पड़ रहा था। कोटा जिले में पशु चिकित्सकों के कुल 31 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 16 पद रिक्त चल रहे थे। ऐसे में उपलब्ध चिकित्सकों के भरोसे ही पशुओं के उपचार, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और अन्य विभागीय कार्यों की जिम्मेदारी थी। अब 15 नए चिकित्सकों की नियुक्ति से रिक्त पदों की समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
आधे पद खाली, बढ़ रहा था काम का दबाव
जिले में स्वीकृत 31 पदों में से 16 रिक्त होने के कारण करीब आधे पदों पर ही चिकित्सक उपलब्ध थे। इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं पर पड़ रहा था। पशुपालन पर निर्भर किसानों और पशुपालकों के लिए पशुओं का समय पर उपचार बेहद जरूरी है। बीमारी के कारण पशुओं की सेहत बिगड़ने के साथ दूध उत्पादन प्रभावित होने और पशुपालकों की आमदनी घटने का खतरा भी रहता है। चिकित्सकों की कमी के चलते उपलब्ध स्टाफ पर काम का अतिरिक्त दबाव था। ऐसे में नए चिकित्सकों की नियुक्ति से विभागीय कार्यों के बेहतर संचालन और पशुपालकों को उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सरकार ने जारी किए नियुक्ति पत्र
राज्य सरकार की ओर से पूर्व में आयोजित समारोह में नए पशु चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। कोटा जिले के लिए नियुक्त चिकित्सकों के कार्यभार संभालने के बाद पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशु उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन हैं। ऐसे में समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलने से पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल बेहतर हो सकेगी।
नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
पशुपालन विभाग में रिक्त पदों का मुद्दा दैनिक नवज्योति ने 28 सितंबर को प्रमुखता से उठाया था। समाचार में बताया गया था कि विभाग में स्वीकृत 31 पदों में से 16 पद खाली हैं। इसके चलते उपलब्ध स्टाफ के भरोसे ही पशुओं के उपचार से लेकर टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और अन्य विभागीय कार्य संचालित किए जा रहे थे।
अब 15 नए पशु चिकित्सकों की नियुक्ति से विभाग में कार्मिकों की कमी दूर होने और पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
इनका कहना है
ह्लराज्य सरकार ने कोटा जिले में पशु चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की दिशा में कदम उठाते हुए नए चिकित्सकों की नियुक्ति की है। इससे जिले में बीमार पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
- डॉ. दिनेश गोठवाल, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग

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