समाजसेवा की मिसाल बनीं आरती, महिलाओं को न्याय और बच्चों को शिक्षा की दिखा रहीं राह
घरेलू हिंसा और प्रताड़ना से पीड़ित महिलाओं को संबल, अधिकारों के प्रति कर रहीं जागरूक
कोटा। समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े पद, आर्थिक संपन्नता या सरकारी सहायता की जरूरत नहीं होती। कई बार किसी जरूरतमंद का दर्द समझना और मुश्किल वक्त में उसका हाथ थाम लेना ही बदलाव की शुरुआत बन जाता है। इसी सोच के साथ कोटा की आरती जनार्दन वेलफेयर सोसाइटी की संस्थापक आरती महिलाओं को हिंसा और प्रताड़ना से उबरने में सहयोग देने के साथ शिक्षा से वंचित बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटी हैं। वर्ष 2019 से सक्रिय रूप से समाजसेवा कर रहीं आरती आज 25 सदस्यों की टीम के साथ विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के जरिए जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।
महिलाओं की पीड़ा को समझा, मदद का उठाया बीड़ा
आरती के समाजसेवा के सफर की शुरुआत अपने आसपास रहने वाली महिलाओं की परेशानियां सुनने से हुई। घरों में काम करने आने वाली गरीब परिवारों की महिलाएं जब उनसे अपने जीवन की समस्याएं साझा करती थीं, तो उन्हें अहसास हुआ कि कई महिलाएं घरेलू तनाव, हिंसा और प्रताड़ना के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। सामाजिक दबाव और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वे अपनी परेशानी खुलकर भी नहीं बता पातीं।
यहीं से आरती ने उनकी समस्याओं को सुनने के साथ जरूरत के समय सहयोग करने का प्रयास शुरू किया। उनका मानना है कि मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रही महिला को सबसे पहले भरोसे और भावनात्मक सहारे की जरूरत होती है। सोसाइटी के माध्यम से उनका प्रयास पीड़ित महिलाओं के साथ खड़े रहना और उन्हें उचित सहायता एवं न्याय की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
किताब सर्किल पर रोज एक घंटे निशुल्क पढ़ाई
महिलाओं को संबल देने के साथ आरती जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए भी काम कर रही हैं। किताब सर्किल पर वे रोजाना एक घंटे बच्चों को निशुल्क कोचिंग देती हैं। आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई में कठिनाई महसूस करने वाले बच्चों को सोसाइटी की ओर से मुफ्त किताबें भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
आरती मानती हैं कि शिक्षा बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराने का सबसे प्रभावी माध्यम है। आर्थिक परिस्थितियों के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वे नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने के लिए समय निकालती हैं, ताकि उन्हें सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
जागरूकता से बदलाव की कोशिश
सोसाइटी की ओर से शहर में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इनका उद्देश्य सामाजिक समस्याओं के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाना और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देना है। आरती का मानना है कि समाजसेवा केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास है।
25 सदस्यों की टीम, सेवा का एक संकल्प
आरती जनार्दन वेलफेयर सोसाइटी के 25 सदस्य विभिन्न सामाजिक कार्यों में योगदान दे रहे हैं। आरती के लिए समाजसेवा महज गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य है। किसी पीड़ित महिला को हौसला देना हो या किसी बच्चे को शिक्षा से जोड़ना, उनका प्रयास यही है कि जरूरतमंद खुद को अकेला महसूस न करे। उनका मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपने आसपास के लोगों की परेशानियों को समझकर मदद के लिए आगे आए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

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