Voice Of Gen - Z & Alpha : कोटा शानदार, लेकिन शहर की ये तीन परेशानियां कब होंगी खत्म?
ऑटो - टेम्पो की अनमानी पर लगे लगाम
कोटा । कोटा शानदार है, लोग भी जिंदादिल हैं... फिर सड़कों पर कचरा क्यों? शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी सिर्फ नगर निगम की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की भी है जो इसे अपना शहर कहते हैं। सड़क, चौराहे और गली-मोहल्लों में कचरा फेंककर सफाई व्यवस्था को कोसना आखिर कब तक चलेगा? युवाओं ने दो टूक कहा—जनता को पहले अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और जो फिर भी सड़क पर कचरा फैलाए, उस पर नगर निगम को न्यूनतम जुर्माने से शुरुआत कर सख्ती करनी चाहिए। बार-बार गलती करने वालों पर जुर्माना बढ़ना चाहिए। वहीं आवारा कुत्तों की समस्या और ऑटो-टेम्पो की मनमानी पर भी प्रशासन को प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। युवाओं की आवाज है—कोटा सिर्फ रहने की जगह नहीं, हमारी जिम्मेदारी भी है।
बेजुबानों के लिए बने शेल्टर होम
सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों के लिए नगर निगम को शेल्टर होम बनाना चाहिए। यहां उनके भोजन, पानी, देखभाल और उपचार की व्यवस्था हो। इसके लिए आमजन का सहयोग भी लिया जा सकता है, जबकि कोटा में भूखे बेजुबान को डंडो से पीटा जाता है। रोटी मांगने पर कई लोग उसे भगा देते हैं।
-आलिया शेख, कॉलेज स्टूडेन्ट
शहर को अपना घर समझेंगे, तभी बदलेगी तस्वीर
शहर को स्वच्छ रखना सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। आमजन को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सड़क, गली और मोहल्लों में कचरा फेंकने वालों पर न्यूनतम जुर्माना लगाया जाना चाहिए। दोबारा गलती करने पर जुर्माना बढ़ाया जाए, ताकि लोगों में जिम्मेदारी का भाव पैदा हो और शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर हो।
-अल्फिया सईद अनवर, कॉलेज स्टूडेन्ट
किराया तय हो, अभद्र व्यवहार पर भी हो कार्रवाई
ऑटो और टेम्पो चालक कई बार यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं और अधिक किराए का विरोध करने पर अभद्र भाषा का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को किराया सूची स्पष्ट रूप से जारी करनी चाहिए और यात्रियों से अभद्र व्यवहार की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करनी चाहिए।
-चिराग गोचर, कॉलेज स्टूडेन्ट
कोटा हमारा है, जिम्मेदारी भी हमारी
शहर को बेहतर बनाने के लिए केवल प्रशासन से उम्मीद करना पर्याप्त नहीं है। जनता को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। प्रशासन को भी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। सफाई, पशु देखभाल और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक प्रयास से ही कोटा को और बेहतर बनाया जा सकता है।
-कुनाल प्रजापति,कॉलेज स्टूडेन्ट

Comment List