7 हजार घर टैक्स के दायरे में, 1271 ने जमा कराया 2.14 करोड़ से अधिक का टैक्स
करीब 7 हजार आवासीय सम्पत्तियां हैं नगरीय विकास कर के दायरे में
कोटा। नगर निगम की ओर से हर साल टैक्स के दायरे में आने वाली सम्पत्तियों से वसूल किए जा रहे नगरीय विकास कर में इस वित्तीय वर्ष के शुरुआती 6 माह में 1271 आवासीय सम्पत्तियों से 2.14 करोड़ से अधिक का टैक्स जमा किया जा चुका है। नगर निगम की ओर से वर्ष 2007 से नगरीय विकास कर वसूल किया जा रहा है। 900 वर्ग फीट से अधिक के व्यवसायिक भूखंड व सम्पत्तियां और 2700 वर्ग फीट से अधिक के आवासीय भूखंड व भवन नगरीय विकास कर के दायरे में आते हैं। नगर निगम पहले जहां राजस्व विभाग के माध्यम से यह टैक्स वसूल कर रहा था। वहीं अब पिछले कुछ वर्षों से निजी फर्म के माध्यम से यह टैक्स जमा किया जा रहा है।
7040 आवासीय सम्पत्तियां टैक्स के दायरे में
निजी फर्म द्वारा शहर में आवासीय समेत अन्य सभी सम्पत्तियों का सर्वे किया गया है। इस सर्वे में 7040 आवासीय सम्पत्तियां ऐसी हैं जो नगरीय विकास कर के दायरे में आ रही हैं। हालांकि निजी फर्म द्वारा 1 लाख 70 हजार 442 आवासीय सम्पत्तियों का सर्वे किया गया है। जिसमें से 7040 सम्पत्तियां यूडी टैक्स के दायरे में आ रही हैं।
6 माह में 1271 ने किया टैक्स जमा
नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्वे के बाद टैक्स के दायरे में आने वाली आवासीय सम्पत्तियों में से चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 13 अक्टूबर तक 1271 आवासीय सम्पत्तियों का टैक्स जमा हुआ है। इन सम्पत्तियों से कुल 2 करोड़ 14 लाख 15 हजार 88 रुपए टैक्स जमा किया जा चुका है।
26 हजार से अधिक सम्पत्तियां यूडी टैक्स दायरे में
निजी फर्म के माध्यम से शहर में 1 लाख 92 हजार 848 सम्पत्तियों का सर्वे किया गया है। जिनमें से कुल 26 हजार 772 सम्पत्तियां नगरीय विकास कर के दायरे में आ रही हैं। इनमें 7040 आवासीय, 10379 व्यवसायिक सम्पत्तियां,212 औद्योगिक संस्थान, 2741 संस्थानिक सम्पत्तियां,6400 मिक्स सम्पत्तियां हैं।
10.50 करोड़ से अधिक जमा हुआ टैक्स
नगरीय विकास कर के दायरे में आ रही सभी सम्पत्तियों से चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल 2026 से 13 अक्टूबर तक कुल 10 करोड़ 50 लाख 50 हजार 994 रुपए टैक्स जमा हुआ है। इनमें 1271 आवासीय सम्पत्तियों से 2 करोड़ 14 लाख 15 हजार 88 रुपए जमा हुआ है। इनके अलावा 936 व्यवसायिक इकाईयों से 2 करोड़ 73 लाख 9 हजार 702 रुपए, 342 संस्थानिक इकाइयों से 1 करोड़ 94 लाख 2 हजार 903 रुपए, 63 बड़े औद्योगिक संस्थानों से 1 करोड़ 74 लाख 38 हजार 20 रुपए और 910 मिश्रित उपयोग इकाईयों से 1 करोड़ 94 लाख 85 हजार 281 रुपए टैक्स जमा हुआ है।
5 से 10 फीसदी छूट का मिला लाभ
नगर निगम कोटा के उपायुक्त राजस्व धीरज कुमार सोनी ने बताया कि वित्त वर्ष के शुरुआती तीन माह में अप्रैल से जून तक चालू वित्त वर्ष का टैक्स जमा करवाने पर 10 फïीसदी और दूसरी तिमाही जुलाई से सितम्बर तक टैक्स जमा करवाने पर 5 फीसदी की छूट दी जाती है। इस छूट का फायदा उठाते हुए अधिकतर कर दाताओं ने टैक्स जमा कराया है। 6 माह के बाद अक्टूबर से छूट का लाभ नहीं दिया जाता है।
बकायादारों पर होगी सख्त कार्रवाई
उपायुक्त राजस्व धीरज कुमार सोनी ने बताया कि जिन सम्पत्ति स्वामियों व बड़े संस्थाओं द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भी यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने वालों पर सख्ती की जाएगी। उनके खिलाफ राजस्थान नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत सीजिंग, बैंक खाते अटैच करने व विधिक कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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