Voice Of Youth: इंटरनेट का सही इस्तेमाल ही बच्चों के भविष्य की सुरक्षा
बच्चों को गलत कंटेंट से बचाने और डिजिटल जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कोटा । इंटरनेट ने बच्चों के लिए ज्ञान और जानकारी की दुनिया को आसान बना दिया है। आज बच्चे घर बैठे देश-दुनिया की घटनाओं, नई तकनीकों, विज्ञान, शिक्षा और विभिन्न विषयों से जुड़ी जानकारियां हासिल कर सकते हैं। ऑनलाइन पढ़ाई और शैक्षणिक वीडियो के माध्यम से उनकी सीखने की क्षमता भी बढ़ सकती है लेकिन इंटरनेट का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल उनके लिए परेशानी का कारण भी बन रहा है। कई बच्चे पढ़ाई के समय भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर घंटों बिताते हैं। इससे न केवल उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि समय का सही उपयोग करने की आदत भी कमजोर पड़ सकती है। दैनिक नवज्योति के अभियान के तहत विद्यार्थियों ने कुछ इसी तरह के विचार रखे।
पढ़ाई के लिए ही इस्तेमाल हो इंटरनेट
सोशल मीडिया के इस दौर में लगातार इंटरनेट का इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित कर रहा है। बच्चों को इंटरनेट का उपयोग मुख्य रूप से पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने के लिए करना चाहिए। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूरी रखनी चाहिए या इसका सीमित इस्तेमाल करना चाहिए। अभिभावकों और शिक्षकों को भी समय-समय पर बच्चों को इंटरनेट के फायदे और नुकसान के बारे में समझाना चाहिए, ताकि उनमें जागरूकता बढ़े और वे इसका सही उपयोग कर सकें।
-रिशिका कुशवाहा, स्टूडेंट
बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखना चाहिए
छोटी उम्र में बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल उचित नहीं है। बच्चों को इंटरनेट से दूर रखना चाहिए और यदि उनकी ऑनलाइन क्लास चलती है तो उन्हें केवल पढ़ाई के लिए इंटरनेट इस्तेमाल करने की छूट दी जानी चाहिए। सरकार को बच्चों के लिए अनुपयुक्त ऐप और गलत कंटेंट पर प्रभावी नियंत्रण करना चाहिए। कम उम्र में ऐसे कंटेंट के संपर्क में आने से बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है।
-कृतिका सेन, स्टूडेंट
बच्चों को खुद भी समझना होगा इंटरनेट का सही उपयोग
आजकल के बच्चे काफी हद तक समझदार हैं और उन्हें यह समझने की जरूरत है कि सोशल मीडिया पर क्या देखना चाहिए और किस तरह की सामग्री से बचना चाहिए। हालांकि, इंटरनेट का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। बच्चों को इंटरनेट इस्तेमाल करने की समय-सीमा तय करनी चाहिए और पढ़ाई, खेलकूद तथा अन्य गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय निकालना चाहिए। इंटरनेट पर अश्लील और बच्चों के लिए अनुपयुक्त सामग्री पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए, ताकि उन्हें सुरक्षित डिजिटल वातावरण मिल सके।
-केयूर जैन, कॉलेज स्टूडेंट
गलत कंटेंट पर रोक लगे, जानकारी भी मिलती रहे
इंटरनेट पर बच्चों के लिए अनुपयुक्त कंटेंट को रोकने के लिए सरकार को प्रभावी नीतियां बनानी चाहिए। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे हानिकारक और अश्लील सामग्री तक आसानी से नहीं पहुंच सकें। बच्चों को स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई से जुड़ी जानकारी मिलती है, लेकिन देश-दुनिया की दूसरी जानकारियां हासिल करने में भी इंटरनेट की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए बच्चों को इंटरनेट से पूरी तरह दूर रखने के बजाय उन्हें सुरक्षित इस्तेमाल के लिए जागरूक करना चाहिए। गलत कंटेंट पर नियंत्रण के साथ बच्चों की ज्ञानवर्धक सामग्री तक पहुंच भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
-दिव्यम जैन, कॉलेज स्टूडेंट

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