ग्वार-गम फैक्ट्री की लिफ्ट में आग, दो मजदूर जिंदा जले, नाइट शिफ्ट में 17 मजदूर कर रहे थे काम
जान बचाने के लिए जलते कपड़ों में बाहर भागे मजदूर
पाली। औद्योगिक क्षेत्र के फोर्थ फेज स्थित सारड़ा बायो पॉलिमर्स की ग्वार-गम फैक्ट्री में रविवार रात लगी भीषण आग ने दो मजदूरों की जान ले ली। आग की लपटों के बीच फंसे तीन मजदूर जलते कपड़ों में बचाओ-बचाओ चिल्लाते हुए बाहर निकले और सड़क पर गिर पड़े। तीनों करीब 70 प्रतिशत तक झुलस गए। उन्हें बांगड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया। सोमवार सुबह रेस्क्यू के दौरान मलबे से दो मजदूरों के शव मिले। इनमें एक की पहचान नहीं हो पाई थी। फैक्ट्री में रात की शिफ्ट में 17 मजदूर काम कर रहे थे। शुरूआती जानकारी के अनुसार, जिस हिस्से में काम चल रहा था, वहां लिफ्ट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। आग तेजी से फैली तो 12 मजदूर बाहर निकलकर जान बचाने में सफल रहे, जबकि दो मजदूर अंदर फंस गए। आग ने फैक्ट्री के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
साढ़े चार घंटे तक आग बुझाने में जुटी रहीं दमकलें
आग की सूचना मिलने पर रविववार रात करीब 12 बजे पाली की दमकलें मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए सोजत, रानी, फालना और सुमेरपुर से भी दमकलें बुलाई गईं। करीब आठ दमकल गाड़ियों ने 55 राउंड किए। सोमवार सुबह करीब चार बजे आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद लापता मजदूरों की तलाश के लिए जेसीबी और क्रेन की मदद से मलबा हटाया गया। रेस्क्यू के दौरान फैक्ट्री की करीब 12 फीट ऊंची और 120 फीट लंबी दीवार को जेसीबी से तोड़ा गया, ताकि अंदर तक पहुंचकर तलाशी ली जा सके। इसी दौरान दो मजदूरों के शव बरामद हुए। बुरी तरह झुलसने के कारण एक शव की पहचान में परेशानी आई।
फायर सिस्टम होने के बावजूद नहीं टली त्रासदी
फैक्ट्री में फायर फाइटिंग सिस्टम लगा था, लेकिन आग लगने के दौरान इसका प्रभावी इस्तेमाल नहीं हो सका। बाद में मलबा हटाने के लिए दीवार तोड़ने के दौरान पाइप भी टूट गया। फैक्ट्री में गैस के बड़े सिलेंडर रखे हुए थे। राहत की बात रही कि आग उन तक नहीं पहुंची, अन्यथा हादसा और गंभीर हो सकता था।

Comment List