पुलिस कमिश्नरेट के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेसी पहुंचे, पुलिस से टकराव के हालात
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और उग्र करने की दी चेतावनी
जयपुर। एनएसयूआई सचिव रितु बराला से जुड़ी एफआईआर के मामले में पुलिस कमिश्नरेट जयपुर के बाहर मंगलवार को भी बड़ी संख्या में कांग्रेसी एकत्रित हो गए। इससे पुलिस और कांग्रेसियों के बीच टकराव के हालात बन गए हैं। पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का धरना सोमवार की शाम शुरू हुआ था जो रात भर जारी रहा। मंगलवार सुबह नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ नेता, पीसीसी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने के स्थल पर पहुंचे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपने कार्यकर्ताओं को संदेश भेजकर ज्यादा से ज्यादा संख्या में धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की थी। इसका असर ये रहा कि सुबह 11 बजे तक हजारों की संख्या में कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस के आलाअधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। वहां पुलिस की अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है। कांग्रेस नेता दिल्ली में एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से कथित मारपीट और अभ्रदता के मामले में जयपुर में जीरो नंबर एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अडे़ हुए हैं। इस धरने के चलते पुलिस कमिश्नरेट में मंगलवार को आमजन के लिए एंट्री बंद कर दी गई हैं।
धरने में उपस्थित नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सोमवार रात पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी धरने में शामिल होकर भाजपा पर हमला बोला था। वंही, आज गोविन्द डोटासरा ने कहा कि रितु बराला के खिलाफ दर्ज एफआईआर में राजनीतिक दबाव साफ झलकता है। पार्टी कार्यकर्ता और नेता न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए रात-दिन तैयार हैं। टीकाराम जूली ने प्रशासन से अपील की कि युवा नेता को निशाना बनाने की बजाय तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो। धरने पर डोटासरा और जूली के साथ ही पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, विधायक रफीन खान, अमीन कागजी, आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेद्र राठौड़, कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा, पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यख अभिषेक चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि धरना तब तक जारी रहेगा जब तक मामले में पारदर्शिता नहीं सुनिश्चित होती। पुलिस कमिश्नरेट के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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