Voice Of Gen - Z & Alpha : रील की लत या ज्ञान का खजाना ! मोबाइल का इस्तेमाल कितना, यह तय करेंगे युवा
रीलों की दुनिया में खो रहे युवा, पढ़ाई और समय पर पड़ रहा असर
कोटा । कुछ सेकंड की रील कब घंटों का समय निगल जाती है, पता ही नहीं चलता। मनोरंजन के लिए शुरू हुआ मोबाइल का सफर कब आदत और फिर लत में बदल जाता है, इसका अहसास भी देर से होता है। एक ओर रील युवाओं को देश-दुनिया की जानकारी, मोटिवेशन और ज्ञान दे रही हैं, तो दूसरी ओर पढ़ाई से दूरी, समय की बर्बादी और मानसिक तनाव जैसी चिंताएं भी बढ़ा रही हैं। ऐसे में सवाल यह नहीं कि रील देखना सही है या गलत,? दैनिक नवज्योति के वॉइस ऑफ जेन जी एंड अल्फा अभियान के तहत युवाओं ने मोबाइल पर रील देखने के फायदे और नुकसान पर अपनी राय रखी।
रील देखना सही है, लेकिन जरूरत के मुताबिक
पहले बच्चे मैदानों में खेलते थे और युवा दोस्तों के साथ बाहर घूमना पसंद करते थे, लेकिन अब मोबाइल मनोरंजन का प्रमुख साधन बन गया है। रील देखकर समय बिताने के साथ ज्ञानवर्धक बातें भी सीखी जा सकती हैं। पढ़ाई से लेकर कामकाज तक में मोबाइल उपयोगी है। ऐसे में मोबाइल को पूरी तरह गलत कहना उचित नहीं है, जरूरत इसके सही इस्तेमाल की है।
-हर्षिता राठौड़, कॉलेज स्टूडेंट
रील की लत पढ़ाई पर पड़ रही भारी
आज कई युवा पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय घंटों मोबाइल पर रील देखते रहते हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित होती है और आंखों पर भी जोर पड़ता है। लगातार रील देखने की आदत चिड़चिड़ापन और मानसिक परेशानी बढ़ा सकती है। अनावश्यक रील बनाने और देखने के बजाय युवाओं को उपयोगी और ज्ञानवर्धक सामग्री पर ध्यान देना चाहिए।
-मुस्कान बैरवा, कॉलेज स्टूडेंट
मोबाइल चलाएं, मगर समय का रखें ध्यान
मोबाइल पर रील देखने के लिए सीमित समय तय करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा मोबाइल चलाने से समय बर्बाद होता है और दूसरे जरूरी काम पीछे छूट जाते हैं। हालांकि, रीलों को पूरी तरह बंद करना भी सही नहीं है। इसे कम देखना चाहिए। मोबाइल पर ज्ञानवर्धक बातें और देश-दुनिया की जानकारी मिलती है। इसलिए मोबाइल का इस्तेमाल समझदारी और जरूरत के अनुसार करना चाहिए।
-रविन्द्र सिंह, कॉलेज स्टूडेंट
रीलों से दूरी, पढ़ाई से नजदीकी जरूरी
मोबाइल पर रील देखना युवाओं की आदतों को प्रभावित कर रहा है। रीलों के चक्कर में युवा पढ़ाई से दूर होते जा रहे हैं। ऑनलाइन क्लास और जरूरी कामों के लिए मोबाइल का इस्तेमाल ठीक है, लेकिन बाकी समय इसे खुद से दूर रखना चाहिए। खाली समय में ऐसी सामग्री देखनी चाहिए, जिससे ज्ञान बढ़े और जीवन में कुछ सीखने को मिले।
-पायल राठौड़, कॉलेज स्टूडेंट

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