Voice of youth : वंदे भारत का किराया हो कम, ट्रेनों में बढ़ें जनरल और रिजर्वेशन कोच

त्योहारी सीजन में यात्रियों को मिले राहत

 Voice of youth : वंदे भारत का किराया हो कम, ट्रेनों में बढ़ें जनरल और रिजर्वेशन कोच
कोटा आने वाले कोचिंग स्टूडेंट्स के लिए भी हो विशेष व्यवस्था।

कोटा। देश में वंदे भारत और बुलेट ट्रेन जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धि है। इससे देश की रेल सुविधाओं को नई पहचान मिली है। हालांकि, इन ट्रेनों का किराया अधिक होने के कारण आम आदमी इनका लाभ नहीं उठा पाता। सरकार को वंदे भारत जैसी ट्रेनों का किराया आमजन के बजट के अनुरूप करने की दिशा में प्रयास करने चाहिए, ताकि हर वर्ग के यात्री आधुनिक रेल सुविधाओं का लाभ ले सकें। वहीं, कोटा देश के प्रमुख कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। यहां देशभर से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में धनतेरस, दीपावली, छठ सहित अन्य त्योहारों पर घर जाने और वापस लौटने के लिए ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना बड़ी चुनौती बन जाता है। कई बार यात्रियों को ट्रेन में बैठने तक की जगह नहीं मिलती। युवाओं का कहना है कि रेलवे को त्योहारों के दौरान ट्रेनों में जनरल और रिजर्वेशन कोच की संख्या बढ़ानी चाहिए। साथ ही जरूरत के अनुसार अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन भी करना चाहिए। रेलवे की ओर से दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन करना सराहनीय कदम है। यदि इसके साथ नियमित ट्रेनों में कोच की संख्या भी बढ़ाई जाए तो यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है। दैनिक नवज्योति के 'वॉयस ऑफ यूथ' अभियान के तहत युवाओं ने रेलवे की सुविधाओं, किराए और त्योहारों में यात्रियों को होने वाली परेशानियों पर अपने विचार रखे।

सुविधाएं अच्छी, किराया भी हो कम
रेलवे मंडल की ओर से स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, ट्रेनों में सीट नहीं मिलना आज भी बड़ी समस्या है। सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे आम आदमी को त्योहार और छुट्टियों के दौरान घर जाने के लिए आसानी से सीट मिल सके। वंदे भारत ट्रेन में सुविधाएं अच्छी हैं, लेकिन इसका किराया कम किया जाना चाहिए।
-साक्षी मेघवाल, कॉलेज स्टूडेंट

वंदे भारत गौरव की बात, आमजन का भी रखें ध्यान
वंदे भारत और बुलेट ट्रेन का संचालन देश के लिए गौरव की बात है, लेकिन सरकार को आमजन की जरूरतों पर भी ध्यान देना चाहिए। ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। त्योहारों के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में कई बार ट्रेनों में खड़े रहने तक की जगह नहीं मिलती। रेलवे को इस समस्या के समाधान के लिए विशेष नीति बनानी चाहिए।
-अंजली पांचाल, कॉलेज स्टूडेंट

कोचिंग स्टूडेंट्स के लिए हो विशेष व्यवस्था
कोटा कोचिंग हब के रूप में देशभर में पहचान रखता है। यहां पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को त्योहारों पर अपने घर जाने और वापस आने में काफी परेशानी होती है। रेलवे को विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उन्हें समय पर रिजर्वेशन मिल सके। साथ ही वंदे भारत जैसी ट्रेनों का किराया भी कम किया जाना चाहिए।
-लोकेश गुर्जर, स्टूडेंट

Read More एलन कोचिंग संस्थान व फिजिक्सवाला के दो स्टूडेन्ट की एक ही दिन में मौत

वंदे भारत का किराया घटाएं, जनरल कोच बढ़ाएं
सरकार को वंदे भारत ट्रेनों का किराया कम करना चाहिए, जिससे आम आदमी भी इनमें सफर कर सके। इसके अलावा ऐसी ट्रेनों का संचालन बढ़ाया जाना चाहिए, जिनमें जनरल कोच की संख्या अधिक हो। रेलवे को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे यात्रियों को आसानी से रिजर्वेशन मिल सके। त्योहारों के दौरान प्राइवेट बस संचालकों की ओर से भी मनमाना किराया वसूला जाता है। ऐसे में रेल यात्रा को सुलभ और किफायती बनाना जरूरी है।
-राजेश मालवीय, स्टूडेंट

Read More जनता क्लिनिक पर किराये का ‘करंट’, 64 हजार महीने की दर से अटका फैसला

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

जल जीवन मिशन 2.0 के लिए राजस्थान को मिलेंगे 3 हजार करोड़, केंद्र से अनुदान समय पर जारी करने पर चर्चा  जल जीवन मिशन 2.0 के लिए राजस्थान को मिलेंगे 3 हजार करोड़, केंद्र से अनुदान समय पर जारी करने पर चर्चा 
राजस्थान में जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देने और पेयजल योजनाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्य सचिव...
61 वर्ष के हुए शाहरूख खान : 'फौजी' से बॉलीवुड के बादशाह तक का सफर, तीन दशक से ज्यादा समय से दर्शकों के दिलों पर किया राज
रेलवन ऐप यात्रियों के बीच तेजी से हो रहा लोकप्रिय, अनारक्षित टिकट बुकिंग पर मिल रही 3 प्रतिशत छूट
राजस्थान में नई टीडीआर पॉलिसी-2026 का प्रारूप जारी, 20 नवंबर तक आमजन दे सकेंगे सुझाव और आपत्तियां 
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आप को बड़ा झटका: 3 आप विधायकों ने थामा भाजपा का दामन, राजनीतिक गलियारें में हलचल
झुंझुनूं छापोली हादसे पर कांग्रेस नेताओं ने जताया शोक, मुआवजे व जांच की मांग
धारा 90-ए के मामलों में सरकार ने किया कार्यक्षेत्र स्पष्ट, अब विकास प्राधिकरण और नगर निकायों की तय होगी जिम्मेदारी