हमास और ट्रम्प के बीच निशस्त्रीकरण का ऐतिहासिक समझौता, गाजा से चरणबद्ध तरीके से हटेगी इजरायली सेना

शांति योजना पर अमेरिकी घोषणा

हमास और ट्रम्प के बीच निशस्त्रीकरण का ऐतिहासिक समझौता, गाजा से चरणबद्ध तरीके से हटेगी इजरायली सेना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'बोर्ड ऑफ पीस' के माध्यम से गाजा में हमास और अन्य समूहों के पूर्ण निशस्त्रीकरण के ऐतिहासिक समझौते की घोषणा की है। 20 सूत्री शांति योजना के तहत चरणबद्ध निशस्त्रीकरण के साथ इजरायली सेना की वापसी होगी तथा नई फिलिस्तीनी तकनीकी सरकार गाजा के पुनरुद्धार और सुरक्षा की कमान संभालेगी।

वॉशिंगटन। हमास ने गाजा युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 20 सूत्री शांति योजना और ऐतिहासिक निशस्त्रीकरण समझौते को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस समझौते के तहत गाजा से इजरायली बलों की चरणबद्ध वापसी होगी और हमास सहित क्षेत्र में सक्रिय सभी सशस्त्र समूहों का पूरी तरह से निशस्त्रीकरण किया जायेगा। गाजा के प्रशासनिक हस्तांतरण की तैयारियों को लेकर 'नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा' (एनसीएजी) ने अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है। 

समिति ने स्पष्ट किया है कि वह 'एक प्राधिकरण, एक कानून और एक सुरक्षा व्यवस्था' के सिद्धांत पर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पिछले कुछ महीनों में आवश्यक सेवाओं की बहाली के बाद, अब उसका मुख्य ध्यान प्रशासन को पटरी पर लाने, सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार करने और पुनर्निर्माण के साथ आर्थिक अवसर पैदा करने पर है। समिति ने साफ किया कि इस चरण की सफलता फलस्तीनी राष्ट्रीय साझेदारी पर निर्भर करेगी, जिसके लिए वह 'बोर्ड ऑफ पीस', उच्च प्रतिनिधि के कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण सेना के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी। हमास ने भी अपनी पुरानी सरकार को भंग कर संयुक्त राष्ट्र समर्थित तकनीकी समिति को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

वहीं, 'बोर्ड ऑफ पीस' के माध्यम से सामने आये इस समझौते को राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्थायी शांति की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम करार दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर पोस्ट किया, "हमास और अन्य सभी सशस्त्र समूहों के पूर्ण निशस्त्रीकरण के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' ने ऐतिहासिक समझौता कर लिया है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "इस समझौते से गाजा का नियंत्रण एक नयी फिलिस्तीनी सरकार के पास होगा, जो बोर्ड ऑफ पीस के साथ मिलकर जनता की सेवा करेगी। इसके साथ ही इजरायल को वह सुरक्षा मिलेगी, जिसकी वह हकदार है और गाजा का इस्तेमाल दोबारा कभी आतंकी हमलों के लिए नहीं होगा।"

ट्रम्प ने एक वर्ष पहले की भयावह स्थिति, मानवीय संकट और बंधकों के दर्द का जिक्र करते हुए मिस्र, कतर, तुर्की और अपनी कूटनीतिक टीम का आभार जताया तथा स्पष्ट किया कि सात अक्टूबर जैसी घटना की पुनरावृत्ति किसी भी हाल में नहीं होने दी जायेगी। यह ऐतिहासिक समझौता मिस्र के शर्म अल-शेख में हस्ताक्षर किये गये अमेरिकी मध्यस्थता वाले संघर्ष-विराम के नौ महीने बाद आया है, जिसने गाजा पर इजरायल के दो वर्ष लंबे सैन्य अभियान पर विराम लगाया था।

Read More ईरान पर बड़े हमले से पीछे हटे ट्रंप: मिसाइलों की कमी बनी वजह, 13 दिन बाद रुका अमेरिकी सैन्य अभियान

इससे पहले इजरायल-हमास के बीच दूसरे चरण के क्रियान्वयन को लेकर गतिरोध बना हुआ था, जिसमें हमास का निशस्त्रीकरण और गाजा का पुनर्निर्माण मुख्य मुद्दा थे। ट्रम्प की 20 सूत्री योजना के तहत ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के नेतृत्व में एक नयी तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार का गठन किया जायेगा, जो गाजा के पुनरुद्धार की कमान संभालेगी। निशस्त्रीकरण पूरा होने के बाद इजरायली सेना पूरी तरह हट जायेगी और सुरक्षा व्यवस्था की कमान नयी 'अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण सेना' संभालेगी, जो फिलिस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर काम करेगी।

Read More ईरानी व्यापारिक जहाज पर कथित हमला: एक नाविक की मौत, यूक्रेन के खिलाफ तेहरान ने दर्ज कराया कड़ा विरोध

अधिकारियों के अनुसार, निशस्त्रीकरण की यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। गाजा पुलिस बल अगले दो हफ्तों के भीतर अपने हथियार 'बोर्ड ऑफ पीस' समर्थित नयी तकनीकी सरकार को सौंप देगा। इस पुलिस बल में हालांकि हमास के लड़ाके और भारी हथियार शामिल नहीं हैं। हमास और 'फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद' जैसे अन्य समूहों के भारी हथियारों को सौंपने और सुरंगों के विशाल नेटवर्क को नष्ट करने की प्रक्रिया में लगभग 200 से 350 दिनों का समय लग सकता है।

Read More होर्मुज में स्थिति अपरिवर्तित, संप्रभुता की रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता: ईरान

बातचीत के दौरान अमेरिका ने इजरायल के साथ हर कदम पर सलाह-मशविरा किया है। यद्यपि इजरायल हमास के हथियार डालने की इच्छा पर लगातार संदेह जताता रहा है, लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि इजरायल को अपनी पुरानी प्रतिबद्धताओं का पालन करते हुए सेना वापस बुलानी होगी और हवाई हमले रोकने होंगे। ट्रम्प ने चेतावनी भी दी कि यदि इजरायल समझौते का पालन नहीं करता है तो उन्हें बहुत निराशा होगी। उल्लेखनीय है कि श्री ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में मुलाकात की थी, जो ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से युद्ध शुरू करने के बाद उनकी पहली आमने-सामने की बैठक थी। अक्टूबर 2023 में शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 73,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और वर्तमान में इजरायली सेना गाजा के आधे से अधिक हिस्से पर काबिज है, जहां लाखों फिलिस्तीनी बदहाल राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

विश्व स्तनपान सप्ताह :  चिकित्सा संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित विश्व स्तनपान सप्ताह :  चिकित्सा संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित
विश्व स्तनपान सप्ताह (1-7 अगस्त) के तहत जयपुर प्रथम जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान। चिकित्सा संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों और एमसीएचएन...
कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला: जितेंद्र सिंह के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को दिया विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव, वेणुगोपाल ने लगाया संसद को गुमराह करने का आरोप
मानसून सत्र की तैयारी में जुटी कांग्रेस, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा में किया कामकाज
फूल विक्रेता महिला से मारपीट करने वाले आप के विधायक के बेटे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे दिल्ली पुलिस: भाजपा
ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर सीनेट में घमासान, ट्रंप की शक्तियां सीमित करने वाला प्रस्ताव 49-50 से गिरा
1 अक्टूबर से FD के नियम बदलेंगे : RBI का बड़ा फैसला, बैंकों की मनमानी पर लगेगी रोक, जमाकर्ताओं को राहत
रेलवे की ओर से 2 जोडी रेलसेवाओं में डिब्बों की अस्थाई बढोतरी, यात्रियों को होगी सुविधा