दिल्ली में घरेलू नौकर मुहैया कराने वाली एजेंसियों पर शिकंजा : 15 दिन में लेना होगा लाइसेंस, उल्लंघन पर 50 हजार का जुर्माना
पुलिस वेरिफिकेशन और बैंक खाते में वेतन भुगतान अनिवार्य
नई दिल्ली। दिल्ली में घरेलू सहायकों के नाम पर होने वाले शोषण और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अब घरों में मेड, कुक, ड्राइवर और देखभाल करने वाले कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली सभी निजी एजेंसियों को दिल्ली सरकार के श्रम विभाग में पंजीकरण कराना और लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जारी आदेश के तहत एजेंसियों को 15 दिनों के भीतर ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस सत्यापन के बिना नहीं मिलेगी मंजूरी
श्रम विभाग के सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, एजेंसियों को पंजीकरण के समय घरेलू कामगार और उन्हें नौकरी देने वाले नियोक्ता, दोनों के पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र जमा कराने होंगे। बिना वैध पंजीकरण और लाइसेंस के किसी भी एजेंसी को दिल्ली में संचालन की अनुमति नहीं होगी। यह व्यवस्था घरेलू सहायकों की पहचान सुनिश्चित करने और उनके साथ होने वाले शोषण को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है।
नियम तोड़े तो लाइसेंस भी होगा रद्द
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण एजेंसी चलाने या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने के साथ संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी। यह कार्रवाई 25 सितंबर 2014 के कार्यकारी आदेश और वर्ष 2020 में स्वीकृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रावधानों के तहत की जाएगी।
बैंक खाते में ही देना होगा वेतन
नए निर्देशों के तहत एजेंसियों के माध्यम से काम करने वाले घरेलू सहायकों का वेतन और मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करना होगा। साथ ही केवल 18 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोगों को ही घरेलू कामगार के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा। महिलाओं और नाबालिगों के शोषण से जुड़े मामलों के समाधान के लिए बाल कल्याण समिति और दिल्ली महिला आयोग की भूमिका भी तय की गई है।
नौकर रखने से पहले जांच लें ये बातें
सरकार ने आम नागरिकों और मकान मालिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। घर में घरेलू सहायक रखने से पहले संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी का वैध लाइसेंस और पंजीकरण जरूर जांचें। इसके अलावा कामगार का पहचान पत्र और पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र देखना भी जरूरी होगा। सरकार का मानना है कि इन नियमों से घरेलू कामगारों की सुरक्षा के साथ नियोक्ताओं की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

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