रेलवे कर्मचारियों को बड़ा झटका: क्वार्टर का किराया बढ़ा, टाइप-5 आवास के लिए अब देने होंगे 5,860 रुपये महीना

1 जुलाई से लागू हुईं नई दरें

रेलवे कर्मचारियों को बड़ा झटका: क्वार्टर का किराया बढ़ा, टाइप-5 आवास के लिए अब देने होंगे 5,860 रुपये महीना
रेलवे बोर्ड ने सरकारी आवासों के मानक किराये में बढ़ोतरी कर दी है, जो 1 जुलाई से प्रभावी हो गई है। यह संशोधन टाइप-1 से टाइप-5 तक के सभी क्वार्टरों पर लागू होगा। अब कर्मचारियों को श्रेणी व आकार के अनुसार बढ़ा हुआ किराया देना होगा, जिसमें टाइप-5 का अधिकतम किराया 5,860 रुपये तय किया गया है।

नई दिल्ली। रेलवे के क्वार्टरों में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों को अब ज्यादा किराया चुनाना पड़ेगा। रेलवे बोर्ड ने आवासीय क्वार्टरों के मानक किराये में बढ़ोतरी की है। बड़ा हुआ किराया गत एक जुलाई से प्रभावी हो गया है। बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार टाइप-पांच के बड़े आवास में रहने वाले कर्मचारियों को अब अधिकतम किराया 5,860 रुपये प्रति माह तक देना पड़ेगा। इससे पहले बोर्ड ने सरकारी आवासों के किराये में बढ़ोतरी एक जुलाई 2023 को की थी। 

बोर्ड के अनुसार बढ़ी हुई दरें टाइप-एक से टाइप-पांच तक के रेलवे क्वार्टर पर लागू होगी। किराये की राशि आवास की श्रेणी और एरिया के अनुसार अलग-अलग होगी। टाइप-एक के क्वार्टर का किराया जो पहले 120 से 200 रुपये था उसे बढ़ाकर 130 से 220 रुपये कर दिया गया है। टाइप-दो क्वार्टर के लिए अब 280 से 380 रुपये प्रति माह देने पड़ेंगे। पहले यह 250 से 340 रुपये था। इसी तरह से टाइप-तीन के आवास के लिए कर्मचारियों को अब 470 से 610 रुपये के बीच भुगतान करना होगा, जबकि पहले यह राशि 420 से 540 रुपये थी। टाइप-चार क्वार्टर का किराया बढ़ाकर 720 से 1,320 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 640 से 1,180 रुपये था।

सबसे अधिक किराया टाइप-पांच के आवास में रहने वाले कर्मचारियों को होगा। 150 वर्ग मीटर तक के क्वार्टर का मासिक किराया 1,730 रुपये से बढ़ाकर 1,940 रुपये कर दिया गया है, जबकि 150 से 200 वर्ग मीटर वाले क्वार्टर का किराया 2,180 रुपये से बढ़ाकर 2,440 रुपये कर दिया गया है। वहीं, 200 से 250 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले आवास का किराया 3,080 रुपये से बढ़ाकर 3,450 रुपये, 250 से 300 वर्ग मीटर का 3,520 रुपये से बढ़ाकर 3,940 रुपये और 300 से 350 वर्ग मीटर का 4,340 रुपये से बढ़ाकर 4,860 रुपये कर दिया गया है। 350 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले रेलवे आवास पर अब 5,860 रुपये का मासिक किराया लगेगा, जो पहले 5,230 रुपये था।

रेलवे बोर्ड ने सर्वेंट क्वार्टर का मासिक किराया भी 120 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये और गैरेज का शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 90 रुपये कर दिया है। इस आदेश में कहा गया है कि टाइप-चार की दरें अधिकारियों के ट्रांजिट फ्लैट पर भी लागू होंगी। 350 वर्ग मीटर से अधिक ङ्क्षप्लथ एरिया वाले अन्य श्रेणी के क्वार्टरों के लिए टाइप-पांच की अधिकतम 5,860 रुपये प्रति माह की दर लागू होगी। बोर्ड के अनुसार संशोधित किराया पूरे भारतीय रेलवे में आवासीय आवास पर लागू होगा। हालांकि, रेलवे बोर्ड ने खराब या मानक से कम स्तर वाले आवास को इस संशोधन से बाहर रखा है। बोर्ड ने रेलवे अधिकारियों को नयी दरों को लागू करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

Read More पूर्वजों की परंपरा और संस्कारों को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी: सीएम योगी

Post Comment

Comment List

Latest News

अस्पताल के चक्कर नहीं, अब घर पर ही इलाज और देखभाल; राजस्थान में सवा साल में 3 लाख से ज्यादा मरीजों को राहत अस्पताल के चक्कर नहीं, अब घर पर ही इलाज और देखभाल; राजस्थान में सवा साल में 3 लाख से ज्यादा मरीजों को राहत
राजस्थान में होम-बेस्ड पेलिएटिव केयर से सवा साल में तीन लाख से अधिक मरीज लाभान्वित। योजना के तहत गंभीर बीमारियों...
पश्चिम बंगाल उपचुनाव: रेजीनगर सीट पर भाजपा आगे, दूसरे चरण की मतगणना पूरी
पवन सिंह के समर्थन से चर्चा में आईं सोनम मलिक, 'राइज एंड फॉल 2' में करेंगी वाइल्ड कार्ड एंट्री
15 माह से फरार वाहन चोर गिरफ्तार : चोरी की बाइक बरामद, जानें पूरा मामला  
नवरात्रि का नौ दिवसीय पर्व 11 अक्टूबर से शुरू : ग्रह-नक्षत्रों का बनेगा महासंयोग, हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी
शांति के नोबेल पुरस्कार की घोषणा: भारतीय मूल की नवनेथेम 'नवी' पिल्लै को मिला सम्मान, जेल की भेदभावपूर्ण स्थितियों के ख़िलाफ़ लड़ी लड़ाई
पंचायत चुनाव में जीत के लिए भाजपा ने झोंकी ताकत, 90 प्रचार रथों से गांव-ढाणियों तक वर्चुअल पहुंच रहे सीएम