बिहार में गंडक, गंगा, कोसी और बूढ़ी गंडक उफनीं, कई जगह खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ का खतरा बरकरार
निचले इलाकों में अलर्ट
पटना। बिहार में रविवार को गंडक, गंगा, कोसी, बागमती और बूढ़ी गंडक समेत कई नदियों के उफनने से बाढ़ का खतरा बरकरार है, जबकि कुछ स्थानों पर जलस्तर में वृद्धि ने तटवर्ती इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। जलसंसाधन विभाग की ओर से सुबह छह बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, गंडक नदी गोपालगंज के डुमरियाघाट में खतरे के निशान से 0.48 मीटर और वैशाली के लालगंज में 0.78 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि, दोनों स्थानों पर नदी का जलस्तर घट रहा है। सुबह नौ बजे डुमरियाघाट में जलस्तर 62.68 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 62.22 मीटर से 0.46 मीटर अधिक है।
कोसी नदी खगड़िया के बलतारा में खतरे के निशान से 0.34 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि कटिहार के कुरसेला में इसका जलस्तर खतरे के निशान से 0.57 मीटर अधिक है। बलतारा में पानी घट रहा है, जबकि कुरसेला में वृद्धि जारी है। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती नदी 49.51 मीटर पर स्थिर है, जो खतरे के निशान से 0.83 मीटर ऊपर है। बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में 37.73 मीटर पर पहुंच गई है, जो खतरे के निशान 36.58 मीटर से 1.15 मीटर अधिक है। यहां नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
गंगा नदी के जलस्तर में पटना सहित कई स्थानों पर गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन भागलपुर और कहलगांव में पानी बढ़ रहा है। पटना के दीघा में गंगा का जलस्तर 50.59 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.14 मीटर ऊपर है। गांधी घाट पर नदी 49.45 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 0.85 मीटर अधिक है। हाथीदह में जलस्तर 42.59 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.83 मीटर ऊपर है।
भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.70 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.02 मीटर अधिक है। कहलगांव में नदी 32 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 0.91 मीटर ऊपर है। दोनों स्थानों पर जलस्तर में वृद्धि हो रही है।

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