भारतीय रुपए ने भरी ऊंची उड़ान, 82 पैसे की जोरदार मजबूती
हेजिंग नियमों में सख्ती
मुंबई। भारतीय विदेशी मुद्रा बाजार में आज मंगलवार को भारतीय रुपये (INR) ने अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले शानदार रिकवरी दर्ज की है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए कड़े और प्रभावी कदमों के चलते शुरुआती कारोबार में ही रुपया 82 पैसे मजबूत होकर 94.96 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंक के इस दखल से डॉलर की ताबड़तोड़ मांग पर लगाम लगी है, जिससे पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड स्तर के करीब चल रहे डॉलर को तगड़ा झटका लगा है।
तेल कंपनियों के लिए 'स्पेशल विंडो' बनी रुपये के लिए संजीवनी
विदेशी मुद्रा डीलरों के मुताबिक, हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs) की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपया भारी दबाव में था। इस स्थिति को संभालने के लिए RBI ने तुरंत कई बड़े फैसले लिए है।
डेडिकेटेड डॉलर विंडो
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को नामित बैंकों के माध्यम से डॉलर खरीदने के लिए एक विशेष विंडो दी गई है। इससे स्पॉट मार्केट में डॉलर की सीधी और भारी मांग कम हो गई है।
हेजिंग नियमों में सख्ती
फॉरेक्स हेजिंग लेनदेन पर लागत बढ़ा दी गई है, जिससे बाजार में डॉलर की सट्टेबाजी और अत्यधिक आक्रामक पोजीशनिंग पर रोक लगी है।
उतार-चढ़ाव के बीच 95.14 के स्तर पर टिका बाजार
कड़े नियामक कदमों के बाद बाजार में डॉलर का आक्रामक रुख कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। दोपहर के कारोबारी सत्र तक अमेरिकी डॉलर का विनिमय मूल्य 95.14 रुपये के आसपास बना हुआ है, जो पिछले सप्ताह के ऊपरी स्तरों (96.78 - 96.88) से काफी नीचे आ चुका है।
ब्याज दरों का असर
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा हाल ही में नीतिगत ब्याज दरों (Repo Rate) में की गई 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी (जिसके बाद रेपो रेट 5.50% हो गया है) भी रुपये को लॉन्ग-टर्म में सपोर्ट दे रही है।
अनुमानित रेंज
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ग्लोबल अनिश्चितताओं और मिड-ईस्ट संकट के बीच रुपया फिलहाल 94.50 से 95.80 के दायरे में कारोबार कर सकता है। अगर वैश्विक तनाव कम होता है, तो रुपये में और अधिक मजबूती देखने को मिल सकती है।

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