राहुल गांधी के संबोधन पर लोकसभा में हंगामा, भाजपा ने कहा- यह असंसदीय शब्द
रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए किया हस्तक्षेप
नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण में कथित असंसदीय शब्द के इस्तेमाल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण सदन में भारी हंगामा हुआ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही अपराह्न 2.30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कहा कि हाल ही में उनकी एक छात्र से बातचीत हुई थी। उस छात्र का हवाला देते उन्होंने हुए कहा कि उसके अनुसार देश में 3 तरह के लोग हैं छात्र, एक असंसदीय शब्द और उन लोगों का अनुसरण करने वाले अंधभक्त।
गांधी द्वारा इस दौरान एक असंसदीय शब्द का इस्तेमाल करने पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए हस्तक्षेप किया और कहा कि विपक्ष के नेता या सदन का कोई भी सदस्य द्वारा सदन में इस प्रकार के किसी असंसदीय शब्दों का प्रयोग नहीं किया जा सकता। उन्होंने अध्यक्ष से इस पर संज्ञान लेने और उक्त शब्द को कार्यवाही से हटाने की मांग की। इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरु हो गई। हंगामा दोनों पक्षों से शुरु हो गया। दोनों पक्षों के सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर खड़े होकर बोलने लगे, जिससे सदन में शोर-शराबा और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।
रिजिजू ने कहा कि गांधी को असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री गांधी बच्चे का नाम नहीं ले रहे हैं लेकिन जिस शब्द का इस्तेमाल इन्होंने किया उसको हटा देना चाहिए। उनका कहना था कि यह गलत शब्द और नियम के अनुसार इस शब्द का इस्तेमाल नहीं हो सकता है। उनका कहना था कि नियम पुस्तिका में भी इस शब्द का इस्तेमाल असंसदीय है। उन्होंने कहा कि असंसदीय शब्द उन्होंने नहीं बनाया है, बल्कि यह नियम पुस्तक में है इसके बावजूद श्री गांधी लगातार गलत शब्द बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं बार-बार आपसे अनुरोध करता हूं कि आप उस शब्द का इस्तेमाल मत कीजिए हम आपको सुनने के लिए बैठे हैं। हमारे पक्ष के लोग असंसदीय शब्द के इस्तेमाल के कारण उत्तेजित हुए है। इसलिए मैं विपक्ष के नेता से आग्रह करता हूं वह असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं करे।
हंगामा दोनों तरफ से बढऩे लगा तो अध्यक्ष ओम बिरला ने श्री गांधी से कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं और इस पद की गरिमा होती है। उन्होंने कहा कि श्री गांधी को गरिमा का खयाल रखते हुए शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए और असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह असंसदीय शब्द को सदन की प्रक्रिया से हटा देंगे। बिरला ने कहा कि विपक्ष के नेता को सिर्फ विधेयक पर बोलना चाहिए। दोनों पक्षों से जब लगातार तीखी नोक झोंक होने लगी, तो हंगामा भी तेज होने लगा। उन्होंने गांधी से गलत शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने का आग्रह किया, लेकिन दोनों पक्षों के सदस्य हंगामा करते रहे, जिसके कारण बिरला को सदन की कार्यवाही अपराह्न 2.30 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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