एवोकाडो की बढ़ती मांग ने बदला बाजार का स्वाद, युवाओं में बढ़ा आकर्षण
जयपुर की जेन जी में बढ़ा एवोकाडो का क्रेज
जयपुर। एवोकाडो अब पिंकसिटी की जेनजी का खास फल है। न्यूजीलैंड का एवोकाडो 150 रुपए, अफ्रीकी एवोकाडो 100 रुपए और भारतीय एवोकाडो 70-80 रुपए प्रति नग है। सर्दी में इसका एक पीस 450 रु. तक बिका है। इसकी सबसे अधिक मांग बेंगलुरु, केरल और चेन्नई में है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी मांग बढ़ने की वजह स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता, कैफे संस्कृति और युवाओं की खान-पान की बदलती पसंद है।
आयात में तंजानिया सबसे आगे
2024 में 9222 टन एवोकाडो मंगवाया, जो 223.89 करोड़ रुपए का था। अकेले तंजानिया से 8089 टन आया। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और केन्या से आया।
मुंबई से दिल्ली और फिर
जयपुर पहुंचता है फल
जयपुर फल सब्जी थोक विक्रेता संघ, मुहाना मंडी के अध्यक्ष योगेश तंवर बताते हैं कि एवोकाडो पहले मुंबई, इसके बाद दिल्ली होकर जयपुर आता है।
जेन जी की पसंद ने बढ़ाया बाजार
एवोकाडो की बढ़ती लोकप्रियता केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक ग्राहकों तक सीमित नहीं है। कैफे, होटल, रेस्टोरेंट और आधुनिक खुदरा बाजारों में इसके इस्तेमाल ने इसकी मांग का आधार बढ़ाया है। भारत में आयात भी तेजी से बढ़ा है—2023 में करीब 39.31 लाख किलोग्राम के मुकाबले 2024 में आयात बढ़कर करीब 92.22 लाख किलोग्राम हो गया।
गर्मियों में उत्पादन, सर्दियों में मांग
बाबा फ्रूट जयपुर, मुहाना मंडी मैनेजर सुमन सैनी ने बताया कि एवोकाडो की उपलब्धता और मांग में मौसमी अंतर बाजार को प्रभावित करता है। सर्दियों में स्वास्थ्यवर्धक भोजन और होटल-रेस्तरां की मांग बढ़ने से कीमतों पर दबाव बन सकता है।
राजस्थान में 12 जिलों मेंएवोकाडो का ट्रायल
राज्य मेंउदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही, सलूंबर, कोटा, बूंदी और झालावाड़ में पायलट खेती शुरू की गई है। इसके तहत 1,000 किसानों को 10-10 पौधे उपलब्ध कराने की योजना है।
■भारत में कहां होता है उत्पादन
■ एवोकाडो कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भी होता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने एवोकाडो की ‘अरका सुप्रीम’ और ‘अरका कूर्ग रवि’ जैसी किस्में विकसित की हैं।
■‘देसी घी से ज्यादा ताकतवर’वाली धारणा, लेकिन वैज्ञानिक तुलना नहीं
■ बाजार में एवोकाडो को ‘देसी घी से ज्यादा ताकतवर’ प्रचारित किया जाता है, लेकिन पुष्टि नहीं है। डायटिशियन के अनुसार इसमें मुख्य रूप से असंतृप्त वसा, फाइबर, पोटैशियम और कई विटामिन-खनिज पाए जाते हैं।
■ सलाद से लेकर गुआकामोले तक
■ रेस्तरां और घरों में एवोकाडो का इस्तेमाल सलाद, एवोकाडो टोस्ट, गुआकामोले, सैंडविच, रैप, स्मूदी, पास्ता सॉस और ब्रेकफास्ट बाउल में किया जाता है। इसे अंडे, सब्जियों और साबुत अनाज वाले टोस्ट के साथ भी परोसा जाता है।
■ऑनलाइन बाजार में 52 से 271 रु तक भाव
■ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एवोकाडो की कीमत किस्म, वजनऔर आयातित या भारतीय होने के आधार पर काफी अलग है। भारतीय एवोकाडो 1 नग करीब 52 रुपये से, जबकि 1 किलोग्राम पैक करीब 271 रुपये तक मिल रहा है। प्रीमियम आयातित एवोकाडो 225–260 ग्राम का भाव करीब 155 रुपये है।

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