राम मंदिर में चंदा चोरी के 105 मामलों का दावा, अमन अरोड़ा ने केंद्र से मांगी सख्त कार्रवाई
मंदिर प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच की मांग
चंडीगढ़। पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मामले में केंद्र सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़ी आस्था का हवाला देकर राजनीतिक लाभ लेने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को श्रद्धालुओं के विश्वास को कथित तौर पर ठेस पहुंचाने वालों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
अरोड़ा ने सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि मंदिर में चंदा चोरी की 105 घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक जवाबदेही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मंदिर के प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। अरोड़ा ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए अपनी मेहनत की कमाई श्रद्धा और विश्वास के साथ दान की थी। यदि दान की राशि का दुरुपयोग हुआ है, तो यह श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मामले की गहन जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कड़ी सजा दिलाने का आग्रह किया। आप नेता ने दावा किया कि पंजाब के एक लाख से अधिक राम भक्तों ने पीएम को पत्र लिखकर मामले में न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। उनके अनुसार, ये पत्र राज्य के लगभग 22,000 मतदान केंद्रों से जुड़े क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की ओर से आए हैं। उन्होंने कहा कि इन पत्रों को सामूहिक अपील के रूप में प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
अरोड़ा ने कहा कि रिपोर्टों के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों में कैद 105 घटनाओं की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच की है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चोरी की घटनाएं बार-बार हुईं, तो मंदिर के प्रबंधन और निगरानी के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि घटनाएं कैसे हुईं और क्या सभी जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की गई है। उन्होंने भाजपा को मंदिर आंदोलन के राजनीतिक महत्व की याद दिलाते हुए कहा कि श्री राम मंदिर का मुद्दा पार्टी के राजनीतिक उत्थान में महत्वपूर्ण रहा है। अरोड़ा के अनुसार, भाजपा को अब यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रद्धालुओं की आस्था और उनके दान की राशि से जुड़े किसी भी मामले में दोषियों को संरक्षण न मिले। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके पद, राजनीतिक संबंधों या प्रभाव के आधार पर राहत नहीं मिलनी चाहिए।
अरोड़ा ने शिरोमणि अकाली दल का उदाहरण देते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने वाली पार्टियों को जनता के विश्वास और जवाबदेही के सवालों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व से मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की मांग न्याय, जवाबदेही और दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा देने की है।

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