ऑनलाइन सट्टे की लत बनी हत्या की वजह : साथी गार्ड ने ही की हत्या, लाश का अंगूठा लगाकर निकाले 29 हजार रुपए
गार्ड रूम में सो रहे प्रमोद सिंह पर आरोपी ने पत्थर से हमला
पार्किंग गार्ड की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा। इस वारदात में मृतक के ही साथी गार्ड को गिरफ्तार किया गया है, जिसने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में रुपए हारने के बाद हत्या की साजिश रची। पुलिस उपायुक्त उत्तर करण शर्मा ने बताया कि मृतक प्रमोद सिंह के पुत्र रंजीत कुमार ने हत्या की रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के बाद जांच शुरू।
जयपुर। गलतागेट थाना क्षेत्र में पार्किंग गार्ड की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया। इस वारदात में मृतक के ही साथी गार्ड को गिरफ्तार किया गया है, जिसने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में रुपए हारने के बाद हत्या की साजिश रची थी। पुलिस उपायुक्त उत्तर करण शर्मा ने बताया कि मृतक प्रमोद सिंह के पुत्र रंजीत कुमार ने हत्या की रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट के बाद थानाप्रभारी धर्मसिंह के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले।
इसमें सामने आया कि घटना के दिन सुबह 4.39 बजे मृतक के खाते से 29 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। बैंक से मिली जानकारी के आधार पर यह रकम एक यूपीआई आईडी पर भेजी गई, जो मृतक के ही साथी गार्ड प्रदीप कुमार यादव के नाम पर थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जिसमें उसने पूरी वारदात कबूल कर ली।
सट्टे में हारे पैसे और रंजिश
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी प्रदीप और मृतक प्रमोद सिंह दोनों उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के निवासी थे और साथ में गार्ड की नौकरी करते थे। आरोपी को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खेलने की लत थी और कुछ दिन पहले वह करीब पांच हजार रुपए हार गया था। घटना से एक दिन पहले आरोपी ने मृतक से दो हजार रुपए उधार मांगे लेकिन प्रमोद सिंह ने मना कर दिया। इसी बात से आरोपी के मन में रंजिश पैदा हो गई और उसने हत्या की साजिश रच डाली।
सोते समय किया हमला
23 मार्च की सुबह करीब 4 बजे गार्ड रूम में सो रहे प्रमोद सिंह पर आरोपी ने पत्थर से हमला कर दिया और उसका सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने मृतक का मोबाइल लिया और उसके अंगूठे का इस्तेमाल कर फोन पे के जरिए 29 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। वारदात के बाद आरोपी ने पहचान छुपाने के लिए मृतक के मोबाइल से सिम निकालकर पानी की टंकी में फेंक दिया और फोन को छिपा दिया। इतना ही नहीं वह पुलिस जांच के दौरान खुद को बचाने के लिए घटनास्थल पर सक्रिय रहा और जांच की जानकारी भी जुटाता रहा।

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