जयपुर कमिश्नरेट में कांग्रेस का धरना जारी; पुलिस कमिश्नर के लेटर में जीरो एफआईआर से इनकार, दिल्ली में पहले से दर्ज परिवाद का हवाला

गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली की बैठक

जयपुर कमिश्नरेट में कांग्रेस का धरना जारी; पुलिस कमिश्नर के लेटर में जीरो एफआईआर से इनकार, दिल्ली में पहले से दर्ज परिवाद का हवाला
एनएसयूआई राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से दिल्ली में कथित मारपीट के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। पुलिस का कहना है कि दिल्ली में मामला दर्ज होने के कारण नई एफआईआर संभव नहीं है।

जयपुर। एनएसयूआई राष्ट्रीय सचिव ऋतु बराला से दिल्ली में कथित मारपीट के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कांग्रेस नेताओं का धरना बुधवार को भी जारी रहा। करीब 40 घंटे बाद पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल कांग्रेस नेताओं से मिलने पहुंचे और कमरा नंबर 9 में वार्ता हुई। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, ऋतु बराला और अन्य नेता मौजूद रहे।⁠

इस बीच सूत्रों के अनुसार, पुलिस कमिश्नर के लेटर को लेकर दो पुलिस अधिकारी पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के पास पहुंचे। लेटर में पुलिस ने दिल्ली में पहले से दर्ज परिवाद/शिकायत के आधार पर जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज करने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। पुलिस का रुख है कि घटना 13 अक्टूबर को दिल्ली में हुई और कनॉट प्लेस थाने में एफआईआर (नंबर 291/2026) पहले से दर्ज है, जिसमें ऋतु बराला की शिकायत भी शामिल कर जांच जारी है। इसलिए समान तथ्यों पर दूसरी एफआईआर या जीरो एफआईआर विधिसम्मत नहीं है।⁠

पुलिस का पक्ष:

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय सिंह समेत अधिकारियों ने पहले भी स्पष्ट किया था कि दिल्ली पुलिस ने संज्ञान ले लिया है और बीएनएसएस की धारा 173 के तहत जीरो एफआईआर का प्रावधान इस स्थिति में लागू नहीं होता, क्योंकि शिकायतकर्ता पहले ही संबंधित क्षेत्र में शिकायत दे चुकी हैं। जयपुर पुलिस ने आधिकारिक रूप से भी यही स्टैंड लिया है कि एक ही घटनाक्रम पर दूसरे राज्य में नई एफआईआर दर्ज करना कानूनी रूप से उचित नहीं।⁠

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कांग्रेस का रुख:

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डोटासरा और अन्य नेता दिल्ली की एफआईआर का कंटेंट अलग बताते हुए जयपुर में अलग से जीरो एफआईआर की मांग पर अड़े हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर की कॉपी दिखाने की मांग की है और कहा है कि अगर एफआईआर हो चुकी है तो दिखा दें, वरना धरना जारी रहेगा। डोटासरा ने बीएनएसएस की धारा 173(1) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि संज्ञेय अपराध (खासकर महिला के खिलाफ) में एफआईआर दर्ज कराना अनिवार्य है। केरल में इसी मामले में जीरो एफआईआर दर्ज होने का भी जिक्र किया गया।⁠ कांग्रेस एफआईआर दर्ज कराने को लेकर कोर्ट जाने पर भी विचार कर रही है। वंही, धरने के दौरान बुधवार सुबह डोटासरा के पैर में चोट लगने की भी खबर आई। कमिश्नरेट के अंदर और बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी रहा। मंगलवार को पुलिस-कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी।

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अभी तक वार्ता और लेटर के बाद कोई नया समझौता या एफआईआर दर्ज होने की खबर नहीं है। कांग्रेस नेता एफआईआर दर्ज होने तक धरना जारी रखने पर अड़े हुए हैं, जबकि पुलिस दिल्ली में चल रही जांच का हवाला दे रही है।

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