केंद्र की विशेष सहायता से राजस्थान में 35 हजार करोड़ के विकास कार्य, 87 लाख किसानों की बनी डिजिटल पहचान
50 साल के ब्याजमुक्त ऋण दिए जाते हैं
जयपुर। राजस्थान में बुनियादी ढांचे के विकास और प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजना के तहत अब तक 35 हजार करोड़ रुपए मिले हैं। वित्त विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020-21 में शुरू हुई राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के सातवें वर्ष में प्रदेश को यह राशि प्राप्त हुई है। इसके तहत 50 साल के ब्याजमुक्त ऋण दिए जाते हैं। योजना के तहत सड़क, सिंचाई, पेयजल, पुलिस आवास, डिजिटल सेवाओं और महिला सशक्तीकरण से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। बारां में पार्वती नदी पर दो उच्च स्तरीय पुल बनाए गए हैं। वहीं, आठ प्रमुख सिंचाई एवं पेयजल परियोजनाओं के लिए 4434.65 करोड़ रुपए आवंटित किए गए, जिनमें से 4377.33 करोड़ खर्च हो चुके हैं। इन परियोजनाओं से 1.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और कई जिलों में पेयजल सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसान रजिस्ट्री के तहत प्रदेश में 87.25 लाख किसानों की पहचान दर्ज की जा चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 96.73 प्रतिशत है। पुलिसकर्मियों के लिए 228.16 करोड़ की लागत से 13 आवासीय कार्य स्वीकृत हुए हैं। जयपुर में पीएम एकता मॉल का निर्माण 58 प्रतिशत पूरा हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, शहरी सुधारों के 27 में से 22 लक्ष्य पूरे किए गए हैं। वहीं, वाहन कबाड़ नीति के तहत 21,831 वाहन नष्ट किए गए और 40 स्वचालित जांच केंद्र संचालित हो रहे हैं।

Comment List