प्रजेंटेशन से नहीं माने किसान : अब ट्रैक्टरों से कूच की तैयारी, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का विरोध

45 हजार परिवार प्रभावित होने का दावा

प्रजेंटेशन से नहीं माने किसान : अब ट्रैक्टरों से कूच की तैयारी, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का विरोध
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर सरकार-किसानों में गतिरोध बरकरार है। तीसरे दौर की वार्ता में प्रजेंटेशन के बावजूद किसान संतुष्ट नहीं हुए। महापंचायत अध्यक्ष रामपाल जाट ने 2 सितंबर को 1000 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ जयपुर कूच का ऐलान किया। किसानों का दावा है कि परियोजना से 45 हजार परिवार और 14,564 बीघा कृषि भूमि प्रभावित होगी।

जयपुर। कोटपूतली किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान महापंचायत और सरकार के बीच गतिरोध बरकरार है। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को तीसरे दौर की वार्ता में निर्माण एजेंसी की ओर से किसानों को एक्सप्रेसवे का प्रजेंटेशन दिया गया, लेकिन किसान प्रतिनिधि इससे संतुष्ट नहीं हुए। वार्ता के बाद किसान महापंचायत ने आंदोलन तेज करने का ऐलान करते हुए 2 सितंबर को एक हजार से अधिक ट्रैक्टरों के साथ जयपुर कूच करने की घोषणा की। बैठक में जिला कलक्टर संदेश नायक, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में अजमेर, सीकर, जयपुर और कोटपूतली बहरोड़ जिलों के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता में हिस्सा लिया। निर्माण कंपनी ने परियोजना और उससे होने वाले संभावित लाभों की जानकारी प्रजेंटेशन के माध्यम से दी। किसानों का कहना था कि उनकी मुख्य आपत्तियों, जमीन अधिग्रहण और प्रभावित परिवारों से जुड़े सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं मिला।

45 हजार परिवार प्रभावित होने का दावा

 किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि करीब 209.5 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे से 45 हजार से अधिक किसान परिवारों के लगभग ढाई लाख किसान प्रभावित हो सकते हैं। किसानों ने सामाजिक समाघात आकलन रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि अजमेर, सीकर, जयपुर और कोटपूतली बहरोड़ में करीब 33 हजार से अधिक पेड़ों पर भी संकट है। इसके अलावा करीब 3641 हेक्टेयर यानी 14564 बीघा कृषि भूमि अधिग्रहित होने का दावा किया गया है।

जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे

Read More गणेश शोभायात्रा को लेकर जयपुर में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था, कई मार्गों पर डायवर्जन

 किसान महापंचायत ने आरोप लगाया कि परियोजना से किसानों की जमीन और आजीविका प्रभावित होगी, जबकि इसका फायदा उद्योगपतियों को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। किसान नेताओं ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे और आंदोलन जारी रखेंगे। जाट ने चेतावनी दी कि प्रशासन ने ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया तो किसान वहीं पड़ाव डाल देंगे। हालांकि सरकार से बातचीत का रास्ता खुला है।

Read More जयपुर का नया महापौर कौन होगा  : आज हो जाएगा तय, कल सुबह घोषणा और नामांकन

Tags: Farmers

Post Comment

Comment List

Latest News

छात्राओं के लिए हॉस्टल की कमी को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर तंज : दीया जलाने का पैसा है, छात्रा हॉस्टल बनाने का नहीं छात्राओं के लिए हॉस्टल की कमी को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर तंज : दीया जलाने का पैसा है, छात्रा हॉस्टल बनाने का नहीं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्राओं के हॉस्टल की कमी को लेकर सरकार पर तंज कसा। एक्स पर उन्होंने कहा,...
शेखावत का राहुल गांधी पर हमला : उपनाम धारण करने से नहीं आती जिम्मेदारी और परिपक्वता, प्रधानमंत्री को लेकर सार्वजनिक मंच पर उनकी हरकतें अशोभनीय
अलवर मेयर चुनाव से पहले सियासी घमासान : भाजपा ने दिखाया 37 का कुनबा, 3 अन्य पार्षद भी साथ होने का दावा
एलपीजी से पीएनजी की ओर बढ़ेगा राजस्थान : 2 लाख परिवार जुड़े, 66 व्यावसायिक कनेक्शन भी किए जारी
यूक्रेन का रूस पर 1000 ड्रोन से हमला :  तेल रिफाइनरी और रिहायशी इमारत को नुकसान, 2 लोगों की मौत
DUSU चुनाव में दीपांशु शौकीन ने रचा इतिहास : नंगे पैर प्रचार कर उपाध्यक्ष पद पर हासिल की जीत, बोले- छात्रों के बीच रहकर काम करने का मिला फायदा
पाकिस्तान में पीटीआई पर शिकंजा : इमरान खान की बहन आलिमा गिरफ्तार, भाई की रिहाई के लिए प्रदर्शन की रणनीति में थी सक्रिय