27 से 30 लाख रुपए देकर बनवाए प्रमाणपत्र: फर्जी एफएमजी प्रमाणपत्र से पंजीयन कराने वाले चार डॉक्टर गिरफ्तार
पुलिस जांच शुरू
जयपुर। विदेश से एमबीबीएस करने के बाद भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरूरी एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा के फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर राजस्थान में इंटर्नशिप और पंजीयन कराने के मामले में एसओजी ने चार आरोपियों भारत भूषण शर्मा, सौरव शर्मा, हिमांशु शर्मा और शिवम चौधरी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने परीक्षा पास नहीं की थी और 27 से 30 लाख रुपए देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए। एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि मामले में अब तक 100 से अधिक लोगों को चिह्नित किया है जबकि आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार सहित 33 आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं।
रजिस्ट्रार सहित 33 आरोपी पहले गिरफ्तार
फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर इंटर्नशिप और पंजीयन कराने के मामले में पहले 28 विदेशी मेडिकल स्नातकों, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन और मुख्य आरोपी भानाराम माली सहित एक दलाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। भानाराम माली, शुभम गुर्जर, इंद्रराज गुर्जर और अन्य लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने तथा पंजीयन कराने के लिए प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रुपए लिए।
चारों आरोपियों का अलग-अलग मामला
भारत भूषण शर्मा (26) निवासी डीग ने किर्गिस्तान से एमबीबीएस करने के बाद 2022 में भारत लौटा। एफएमजी परीक्षा कई बार देने के बावजूद पास नहीं हुआ। आरोप है कि दौसा निवासी शुभम गुर्जर के माध्यम से 30 लाख रुपए देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया और राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा में इंटर्नशिप की। शुभम गिरफ्तार हो चुका है।
सौरव शर्मा (29) निवासी वैर भरतपुर ने वर्ष 2017 से 2023 तक रूस में एमबीबीएस किया। परीक्षा पास नहीं होने पर विदेश में एमबीबीएस कराने वाली कंपनी से जुड़े गजेंद्र के माध्यम से 27 लाख रुपए देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया। इसके आधार पर राजकीय मेडिकल कॉलेज धौलपुर में इंटर्नशिप की और मेडिकल काउंसिल में पंजीयन के लिए आवेदन किया।
हिमांशु शर्मा (26) निवासी हलैना भरतपुर सौरव शर्मा का ममेरा भाई है। उसने भी 2017 से 2023 तक रूस में एमबीबीएस किया। एफएमजी परीक्षा पास नहीं होने पर कथित तौर पर 27 लाख रुपए देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया और एसएमएस के बजाय महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज जयपुर में इंटर्नशिप की। उसने भी पंजीयन के लिए आवेदन किया।
शिवम चौधरी (28) निवासी पहाड़ी डीग ने वर्ष 2016 से 2021 तक कजाकिस्तान में एमबीबीएस किया। परीक्षा पास नहीं होने पर कजाकिस्तान में हॉस्टल चलाने वाले गजेंद्र के माध्यम से 30 लाख रुपए देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया और राजकीय मेडिकल कॉलेज अलवर में इंटर्नशिप की और पंजीयन के लिए आवेदन किया।

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