जेएलएफ का चौथा दिन : सत्ता, न्याय और डिजिटल भविष्य पर वैश्विक विमर्श, अवकाश के दिन दिखी खासी भीड़
हर उम्र के लोगों में दिखा साहित्य का उत्साह
जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के चौथे दिन गंभीर चर्चाओं और व्यापक संवाद की श्रृंखला जारी रही। साहित्य, राजनीति, कानून और तकनीक से जुड़ी प्रमुख आवाजें एक साथ आईं और सत्ता, न्याय, नेतृत्व तथा उन कहानियों पर विचार किया। प्रसिद्ध उपन्यासकार रिचर्ड फ्लैनगन ने टिम एडम्स के साथ बातचीत में पर्यावरणीय संकट, राजनीतिक उथल-पुथल और विवादित इतिहासों के दौर में साहित्य की नैतिक जरूरत पर विचार किया।
वहीं, फ्रंट लॉन में आयोजित सत्र ‘ए कॉन्टिनेंट इन क्राइसिस : रशिया, यूक्रेन एंड द यूरोपियन स्टोरी’ में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की ने नवतेज सरना के साथ यूरोप की राजनीतिक दिक्कतों का तीखा विश्लेषण किया। दिन की सबसे महत्वपूर्ण बातचीतों में से एक सत्र ‘आइडियाज ऑफ जस्टिस’ रहा। जिसमें भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ ने वीर सांघवी के साथ संवाद किया।
अपनी पुस्तक व्हाय द कॉन्स्टिट्यूशन मैटर्स के संदर्भ में चर्चा करते हुए लोकतंत्र में न्याय के वास्तविक अर्थ को समझाया। दिन का साहित्यिक समापन ‘द मर्डर डायलॉग’ सत्र के साथ हुआ। जिसमें फि ल्मकार और अभिनेता अनिर्बान भट्टाचार्य तथा लेखक रुद्रनील सेनगुप्ता ने अमृता महाले के साथ संवाद किया। बातचीत में अपराध कथा, सिनेमाई कहानी कहने की शैली और इस विधा के केंद्र में मौजूद नैतिक जटिलताओं पर चर्चा हुई।
हर उम्र के लोगों में दिखा साहित्य का उत्साह :
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में रविवार को हर उम्र के लोगों की अच्छी भीड़ देखने को मिली। दोपहर दो बजे यहां प्रवेश द्वार से बाहर तक लोग कतार में लगकर प्रवेश लेते दिखाई दिए।
जेएलएफ में आज यह सत्र रहेंगे खास :
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन सोमवार को एलिस ऑसवाल्ड: ए जर्नी थू्र वर्ड्स एंड वर्ल्ड्स : एलिस ऑसवाल्ड से जीत थायिल की बातचीत, सेलिब्रेटिंग मांगा एंड ग्राफि क नोवेल्स : योशितोकी ओइमा, उजान दत्ता और अबीर कपूर से राधिका झा की बातचीत, दुभाषिया तोमोको किकुची के साथ द लेजेंड ऑफ कुमारिकंडम: आनंद नीलकंठन से मृदुला रमेश की बातचीत और लेजेंडा : द रियल वीमेन बिहाइंड द मिथ्स में जनीना रामिरेज से नारायणी बासु की बातचीत जैसे सत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।

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