सरकार ने वेतन निर्धारण पर जारी किया परिपत्र, PSU और स्वायत्त निकायों से आए कर्मचारियों को नहीं मिलेगी वेतन सुरक्षा
वित्त विभाग ने परिपत्र जारी कर स्पष्ट किया
जयपुर। वित्त विभाग ने परिपत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि राज्य के विभिन्न सेवाओं में प्रत्यक्ष भर्ती के जरिए नियुक्त कर्मचारियों के वेतन निर्धारण को लेकर विशेष नियम लागू होंगे। यह परिपत्र उन कर्मचारियों पर केंद्रित है जो पहले राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs), स्वायत्त निकायों, स्थानीय निकायों या पंचायती राज संस्थानों में कार्यरत थे और बाद में सरकारी सेवाओं में नियुक्त हुए।
परिपत्र के अनुसार, ऐसे कर्मचारी जो इन निकायों से चयनित होकर सरकारी सेवा में आते हैं, उन्हें उनकी पूर्ववर्ती सेवा में प्राप्त वेतन की सुरक्षा (Protection of Pay) का लाभ नहीं दिया जाएगा। केवल वही कर्मचारी वेतन सुरक्षा के पात्र होंगे जो पहले से ही नियमित चयन के आधार पर राजस्थान सरकार की सेवा में कार्यरत थे।
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राजस्थान सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) नियम, 1971 के अनुसार “सरकारी सेवक” वही माना जाएगा जिसकी सेवा शर्तें संविधान के अनुच्छेद 309 के प्रावधानों के तहत विनियमित हों और जिसका वेतन राज्य की समेकित निधि से भुगतान किया जाता हो। साथ ही, परिपत्र में ‘रिवर्स पोजीशन’ का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें यह बताया गया है कि यदि कोई राज्य सरकार का कर्मचारी किसी PSU या स्वायत्त निकाय में नियुक्त होता है, तो वह वहां के कर्मचारियों की तरह वेतन और सेवा शर्तों के अंतर्गत आएगा तथा उस संस्था के नियमों के अनुसार काम करेगा।
अंत में विभाग ने स्पष्ट किया कि राज्य की सरकारी सेवा में नियुक्ति के समय PSU/स्वायत्त निकायों/स्थानीय निकायों/पंचायती राज संस्थाओं से आने वाले कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन की सुरक्षा का लाभ नहीं मिलेगा।

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