जेडीए की पहल : द्रव्यवती में 6 एसटीपी और 2 गार्डनों में लगेंगे सोलर प्लांट, हर साल करीब 6 करोड़ रुपए की विद्युत बचत होने का अनुमान
परियोजना का 25 वर्षों तक संचालन और रख-रखाव भी शामिल
जयपुर। ऊर्जा संरक्षण और विद्युत खर्च में कमी की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण ने बड़ी पहल की है। द्रव्यवती नदी पर स्थित 6 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और 2 गार्डन की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। कुल 5 मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना से जेडीए को हर साल करीब 6 करोड़ रुपए की विद्युत बचत होने का अनुमान है। जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि इस परियोजना को राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरआरईसीएल) के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा। परियोजना से प्रतिदिन औसतन 20 हजार यूनिट, प्रतिमाह करीब 6 लाख यूनिट और सालाना लगभग 72 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन होने का अनुमान है। परियोजना के तहत जेडीए की ओर से आरआरईसीएल को 11 वर्षों तक 536.12 रुपए प्रति किलोवाट प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जाएगा।
इसमें परियोजना का 25 वर्षों तक संचालन और रख-रखाव भी शामिल है। विद्युत की औसत दर 8.50 रुपए प्रति यूनिट मानने पर सालाना करीब 6.12 करोड़ रुपए की विद्युत बचत संभावित है। 11 वर्षों की भुगतान अवधि में सकल विद्युत बचत करीब 67.32 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। इस दौरान आरआरईसीएल को करीब 35.38 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद जेडीए को लगभग 31.94 करोड़ रुपए का शुद्ध आर्थिक लाभ होने का अनुमान है। भुगतान अवधि पूरी होने के बाद भी अनुबंध के अनुसार परियोजना का संचालन रख-रखाव जारी रहेगा।
25 साल में 1.31 लाख टन कार्बन उत्सर्जन घटेगा
सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना से हर साल करीब 5227 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। 25 वर्षों में यह कमी करीब 1.31 लाख टन तक पहुंच सकती है। जेडीए के अनुसार परियोजना से द्रव्यवती नदी से जुड़े एसटीपी और गार्डन की विद्युत जरूरतों का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा होगा और दीर्घकाल में बिजली खर्च में कमी आएगी।

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