ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लेकर करेंगे आंदोलन : जोशी
13 जिलों के लिए पानी की बड़ी उम्मीद है
जयपुर। राजस्थान ईस्टर्न कैनल प्रोजेक्ट को लेकर जारी सियासत के बीच जलदाय मंत्री महेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत पर एक बार फिर से निशाना साधते हुए कहा है कि यह प्रोजेक्ट पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों के लिए पानी की बड़ी उम्मीद है, अगर जरूरत पड़ी तो आंदोलन का सहारा भी लेना पड़ सकता है। प्रदेश के जलदाय एवं भूजल मंत्री डॉ. महेश जोशी ने केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से सवाल पूछा है कि आप ईआरसीपी का शिलान्यास राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के रूप में कब करवा रहे हैं। मंत्री डॉ. महेश जोशी ने केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह से ये सवाल तब पूछा जब केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ईआरसीपी प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार की कटिबद्धता सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर रहे हैं। मंत्री डॉ महेश जोशी ने कहा है कि ईआरसीपी प्रोजेक्ट पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों के निवासियों की भीषण पेयजल समस्या दूर करने के लिए अत्यंत आवश्यक है, खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनावी सभाओं में ईआरसीपी प्रोजेक्ट का महत्त्व भी बता चुके हैं और इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कटिबद्धता भी व्यक्त कर चुके हैं । राजस्थान सरकार ईआरसीपी प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने के बाद इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास एवं मदद करने के लिए तैयार है। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मैंने जलदाय मंत्री के रूप में मेंने ईआरसीपी को न केवल राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने की मांग केन्द्र सरकार से की है वरन इस प्रोजेक्ट को राज्य सरकार के स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए विधानसभा के बजट सत्र में संकल्प भी लिया है इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ERCP प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए बजट में 9600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
जरूरत पड़ने पर आंदोलन खड़ा करने से इनकार नहीं कर सकते
जोशी ने कहा कि चूंकि ईआरसीपी प्रोजैक्ट पूरा करने के लिए अन्य राज्यों की मदद आवश्यक है। ऐसे में इसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित कर पूर्वी राजस्थान के निवासियों के साथ न्याय किया जा सकता है। प्रदेश में हमारी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्य सरकार के स्तर से कई बार केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर पूर्वी राजस्थान के लोगों की इस मांग को जल्द करने के बारे में अवगत कराया, लेकिन शेखावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी आश्वासन को पूरा करने के लिए अब तक इस सम्बन्ध में कोई पहल नहीं की है। अब जब तस्वीर बिल्कुल साफ़ हो चुकी है तो हमारा पुनः आपसे आग्रह है कि जल्द से जल्द ईआरसीपी प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय प्रोजैक्ट का दर्जा दिलाकर शीघ्रातिशीघ्र इसका शिलान्यास कार्यक्रम घोषित करे। अगर केन्द्र सरकार ने ई आर सी पी प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट का दर्जा देकर शिलान्यास कार्यक्रम जल्द घोषित नहीं किया तो गम्भीर पेयजल समस्या से जूझ रहे पूर्वी राजस्थान के निवासियों को साथ लेकर इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट का दर्जा दिलाने के लिए जल्द ही सम्पूर्ण पूर्वी राजस्थान में बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा। अगर आवश्यकता पड़ी तो बड़ा आन्दोलन खड़ा करने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
ब्यूरोक्रेसी के खिलाफ अशोभनीय बयान
मंत्री डॉ महेश जोशी ने केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी के अफसरों को सार्वजनिक रूप से जेल भिजवाने की धमकी पर भी आपत्ति जताई है। मंत्री डॉ महेश जोशी ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री का ब्यूरोक्रेसी के अफसरों के ख़िलाफ़ यह बयान न केवल अशोभनीय है, वरन अलोकतांत्रिक भी है। शेखावत का यह बयान प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी का मनोबल गिराने जैसा है, संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति के ऐसे अशोभनीय और अलोकतांत्रिक बयानों से काबिल अफसरों की कार्य क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जो प्रदेश और देश के हित में नहीं है। राज्य में ब्यूरोक्रेसी के काबिल अफसर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। साथ ही आमजन से प्राप्त शिकायतों और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के मुताबिक आवश्यकतानुसार राज्य सरकार ब्यूरोक्रेसी की लगाम कसने में कोई कोर कसर नहीं रख रही। केन्द्रीय मंत्री के इस बयान से प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में भारी नाराजगी भी व्याप्त हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के इस अशोभनीय और अलोकतांत्रिक बयान पर न केवल संज्ञान लेना चाहिए वरन, ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे इस तरह के बयानों की पुनरावृत्ति कोई भी संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति न कर सके।
इस्तीफे से बचना है तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगे
जोशी ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत आपको अपने अलोकतांत्रिक,अशोभनीय और असत्य वचनों के कारण अगर नैतिक रूप से इस्तीफा देना देने से बचना है तो प्रदेश की जनता और ब्यूरोक्रेसी से बड़ा दिल दिखाते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और राजस्थान की जनता के हित में ईआरसीपी प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय श्रेणी दिलाने के दिए शिलान्यास का कार्यक्रम घोषित करना चाहिये। ऐसा करने पर प्रदेश की जनता केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को उनके अशोभनीय, अलोकतांत्रिक और असत्य वचनों के लिए क्षमा करने का बड़ा दिल रखती है। अन्यथा आपको अपने अशोभनीय अलोकतांत्रिक और असत्य वचनों के लिए नैतिक रूप से इस्तीफा भी देना पड़ सकता है।

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