राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में राजस्थान के पांच प्राथमिक क्षेत्रों पर रहेगा फोकस, तैयारियों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश
जयपुर। आगामी दिसम्बर में प्रस्तावित छठे राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में राजस्थान की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही रेगुलर सेशन-1 के लिए राज्य के पांच प्राथमिक उद्देश्यों को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने तथा विषयवार सूचनाएं और प्रस्तुतियां समय पर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले वर्ष के सम्मेलन के अनुभवों और दिशा-निर्देशों के आधार पर इस बार तैयारियों को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। नीति आयोग के प्रस्तावों के अनुरूप विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के पांच प्राथमिक क्षेत्र तय किए गए हैं।
इनमें, अक्षय एवं स्वच्छ ऊर्जा, पर्यटन, जलवायु अनुकूल कृषि, औद्योगिक विकास और उद्यानिकी आधारित कृषि विकास शामिल हैं। बैठक में इन क्षेत्रों की उपलब्धियों, संभावनाओं और आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। रीति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। सम्मेलन में राज्यों की वित्तीय मजबूती में खनन की भूमिका, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी और शासन में तकनीक के उपयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी

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