राजस्थान में नई फसल बीमा व्यवस्था लागू : किसानों को बेहतर सेवाएं, पारदर्शी दावा निस्तारण और 335 करोड़ रुपये प्रीमियम राहत मिलेगी
राज्य के 41 जिलों को 8 क्लस्टरों में बांटा गया
जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के वर्ष 2026 के लिए नई निविदा प्रक्रिया पूरी करते हुए किसानों को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए हैं। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि राज्य के 41 जिलों को 8 क्लस्टरों में बांटा गया है और किसी एक बीमा कंपनी को अधिकतम दो क्लस्टर ही दिए जाएंगे, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। नई व्यवस्था में पहली बार YES & TECH तकनीक को शामिल किया गया है। इसके जरिए फसल उपज का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी आकलन होगा, जिससे बीमा दावों के निस्तारण में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा। साथ ही, पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान के मामलों में समय पर सर्वे नहीं करने पर बीमा कंपनियों पर 20 हजार रुपए तक का जुर्माना और दावा भुगतान में देरी पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
किसानों को बीमा पॉलिसी सात दिन के भीतर उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है तथा प्रत्येक जिले में बीमा कंपनी तकनीकी कार्मिक तैनात करेगी। सर्वे रिपोर्ट की प्रति किसान को भी दी जाएगी। सरकार के अनुसार, प्रतिस्पर्धी निविदा से किसानों का कुल प्रीमियम लगभग 335 करोड़ रुपए कम होगा, जबकि राज्य पर प्रीमियम अनुदान का भार भी उल्लेखनीय रूप से घटेगा। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से किसानों को समयबद्ध राहत, बेहतर बीमा सेवाएं और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

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