राजस्थान बने प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग, 10 लाख से अधिक मेहमानों की मौजूदगी!

जैसलमेर से भरतपुर तक आसमान में रंगों की उड़ान

राजस्थान बने प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग, 10 लाख से अधिक मेहमानों की मौजूदगी!

सर्दियों की दस्तक के साथ ही राजस्थान एक बार फिर प्रवासी पंखों की चहचहाहट सुनाई दे रही है।पक्षी विशेषज्ञों की माने तो राज्यभर में इस समय 10 लाख से अधिक प्रवासी पक्षी मौजूद

जयपुर। सर्दियों की दस्तक के साथ ही राजस्थान एक बार फिर प्रवासी पंखों की चहचहाहट सुनाई दे रही है।पक्षी विशेषज्ञों की माने तो राज्यभर में इस समय 10 लाख से अधिक प्रवासी पक्षी मौजूद हैं, जो हजारों किलोमीटर का सफर तय कर यहां पहुंचे हैं। रेगिस्तान की सुनहरी रेत से लेकर झीलों की चमक तक-हर इलाके में इन मेहमान पखेरुओं ने अपना बसेरा बना लिया है।

मुख्य हॉटस्पॉट्स में भारी संख्या में पहुंचे प्रवासी मेहमान

राजस्थान के प्रमुख बर्डिंग स्पॉट्स पर इस बार प्रवासियों की उपस्थिति रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है।

खीचन में करीब 15,000 कुरजा डेरा जमाए हुए हैं।

Read More राजस्थान के वरिष्ठ किसान मजदूर नेता एवं पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल का निधन, 94 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, वासुदेव देवनानी सहित इन दिग्गजों ने जताया शोक

सांभर लेक में इस समय 5 लाख से ज्यादा प्रवासी पक्षी मौजूद हैं, जिनमें बड़ी संख्या में पेलिकंस, वेडर और वॉटरफाउल्स शामिल हैं।

Read More 6 साल की मासूम से कार में छेड़छाड़ : पोक्सो के तहत मामला दर्ज, 2 सप्ताह बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं; पिता ने लगाई मुख्यमंत्री से गुहार

भरतपुर के घाना बर्ड सेंचुरी में लगभग 4 लाख से अधिक पक्षी पहुंच चुके हैं।

Read More कांग्रेस विधायक दल की बैठक : सरकार को सदन में घेरने की रणनीति बनी, बैठक में कांग्रेस के अधिकांश विधायकों सहित पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी पहुंचे; सचिन पायलट नहीं हुए शामिल

जॉरबिड वल्चर कंज़र्वेशन रिज़र्व में करीब 3,000 गिद्ध और स्टेप्स ईगल की दस्तक दर्ज हुई है।

जयपुर के आसपास भी बढ़ रही है चहचहाहट

राजधानी जयपुर के पास स्थित कानोता लेक, चंदलाई लेक और मुहाना बर्ड पार्क में भी प्रवासी पक्षियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये स्थल शॉर्ट-डिस्टेंस वॉटर बर्ड्स के पसंदीदा ठिकानों में तेजी से शामिल हो रहे हैं।

बीकानेर, खीचन और भरतपुर—अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले स्पॉट

बीकानेर में इस बार स्टेपी ईगल, इम्पीरियल ईगल, हिमालयन ग्रिफ़ोन, यूरेशियन ग्रिफ़ोन, सिनेरस वल्चर और ईजिप्शियन वल्चर जैसी दुर्लभ प्रजातियों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है।

खीचन अपनी विश्व प्रसिद्ध कुरजा संरक्षण परंपरा के कारण फिर चर्चा में है।

भरतपुर और सांभर लेक में  30 प्रवासी प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं, जिनमें नॉर्दर्न शॉवलर्स और रफ़, फ्लेमिंगो की संख्या सबसे अधिक है।

पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संकेत

पक्षी विशेषज्ञ रोहित गंगवाल के अनुसार, किसी क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों का लौटना उस इलाके के स्वस्थ होते पर्यावरण और बेहतर संरक्षण का मजबूत संकेत है। राजस्थान के wetlands, grasslands और open habitats की स्थिति पिछले वर्षों की तुलना में और बेहतर हुई है। राजस्थान में इन रंगीन मेहमानों का आगमन न सिर्फ प्रकृति प्रेमियों के लिए सौगात है, बल्कि राज्य की जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की सफलता की भी बड़ी कहानी कहता है

Post Comment

Comment List

Latest News

भारत-कनाड़ा का 50 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य : आर्थिक और रक्षा क्षेत्रों में भी बढेगा सहयोग, मोदी ने कहा- देशों ने माना आतंकवाद और कट्टरपंथ मानवता के लिए गंभीर चुनौती भारत-कनाड़ा का 50 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य : आर्थिक और रक्षा क्षेत्रों में भी बढेगा सहयोग, मोदी ने कहा- देशों ने माना आतंकवाद और कट्टरपंथ मानवता के लिए गंभीर चुनौती
भारत-कनाडा रिश्तों को नई गति मिली। 2030 तक 50 अरब डॉलर द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय, रक्षा सहयोग बढ़ाने और...
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बड़ा हादसा : चलती बस बनी आग का गोला, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
होटल में करंट लगने से कर्मचारी की मौत : धरने पर बैठे आक्रोशित ग्रामीण, रास्ता रहा अवरूद्ध
गोविंददेव मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया होली उत्सव : होली गीतों के बीच रंगों में सराबोर दिखे भक्त, पिचकारी से की पानी की बौछार
राज्यसभा उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाने के लिए सुक्खू पहुंचे दिल्ली : यह दौरा राजनीतिक रूप से अहम, कांग्रेस समिति के वरिष्ठ नेताओं से मिलने की उम्मीद
उच्च क्षमता के बिजली के तारों की चपेट में आने से दो बालक झुलसे, गंभीर अवस्था में अलवर भेजा
युद्ध का असर : जयपुर से खाड़ी देशों की उड़ानें लगातार तीसरे दिन रद्द, सैकड़ों यात्री फंसे