जयपुर विकास प्राधिकरण के GIS आधारित मास्टर प्लान की निविदा शर्तों की समीक्षा के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित, नई निविदा की तकनीकी शर्तों, योग्यता मानदंडों तथा कार्य-परिधि का करेगी पुनः परीक्षण
जेडीए मास्टर प्लान देरी पर राज्य स्तरीय समिति गठित
जेडीए के GIS मास्टर प्लान में देरी और निविदा विवादों को देखते हुए राज्य सरकार ने स्वतंत्र समिति गठित कर तकनीकी शर्तों व योग्यता मानदंडों की समीक्षा शुरू की।
जयपुर। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा GIS आधारित मास्टर प्लान तैयार करने में हो रही देरी और निविदा प्रक्रिया में बार-बार उत्पन्न विवादों को देखते हुए राज्य स्तर पर एक स्वतंत्र समिति का गठन किया है। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार समिति तत्काल प्रभाव से कार्य करेगी और नई निविदा की तकनीकी शर्तों, योग्यता मानदंडों तथा कार्य-परिधि का पुनः परीक्षण करेगी।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि पिछले दो वर्षों से मास्टर प्लान के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं, लेकिन बार-बार पुनर्निविदा के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। प्रस्तावित मास्टर प्लान का होराइजन ईयर भी निकल चुका है, जिससे नियोजन प्रक्रिया की उपयोगिता और समयबद्धता प्रभावित हुई है। निविदा की कार्य-परिधि और तकनीकी शर्तें भी विवादास्पद रही हैं।
गठित समिति में प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग को अध्यक्ष तथा शासन सचिव स्वायत्त शासन, मुख्य नगर नियोजक, मुख्य अभियंता नगरीय विकास, वित्तीय सलाहकार स्वायत्त शासन, निदेशक (विधि) जेडीए, वरिष्ठ नगर नियोजक सहित सरुसिको के मुख्य अभियंता अरुण व्यास को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति आवश्यकता अनुसार विषय विशेषज्ञों की राय ले सकेगी और देश-विदेश की अनुभवी फर्मों से प्रस्तुतीकरण भी प्राप्त कर सकेगी। समिति नई निविदा में ड्रोन/UAV आधारित सर्वेक्षण, मोबाइल एप और वेब पोर्टल के एकीकृत उपयोग को शामिल करने, योग्यता मानदंडों को युक्तिसंगत रखने और समान क्षेत्रफल के मास्टर प्लान का अनुभव रखने वाली फर्मों को प्राथमिकता देने की सिफारिश करेगी। अंतिम आरएफपी प्रारूप मंत्री की स्वीकृति के बाद ही जारी किया जाएगा।

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