ढूंढ़ारी हास्य नाटक “ऊपरी हवा” बना आकर्षण का केंद्र, दर्शकों ने जमकर की सराहना
हंसी के ठहाकों के बीच दिया नशामुक्ति का गंभीर सामाजिक संदेश
जयपुर। रवींद्र मंच के स्टूडियो थिएटर में मंचित ढूंढ़ारी भाषा के हास्य नाटक “ऊपरी हवा” ने दर्शकों को हंसी के ठहाकों के साथ एक गंभीर सामाजिक संदेश भी दिया। परम्परा नाट्य समिति की ओर से प्रस्तुत इस नाटक को दर्शकों ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ देखा। नाटक की कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां पति की शराब की लत रोजाना कलह और तनाव का कारण बनती है। घर में लगातार होने वाले झगड़ों से परेशान पत्नी एक अनोखा तरीका अपनाती है, जिसे परिवार और आसपास के लोग “ऊपरी हवा” का नाम देते हैं। इसके बाद घटनाक्रम हास्यपूर्ण मोड़ लेता है और दर्शक लगातार हंसने पर मजबूर हो जाते हैं। हालांकि, मनोरंजन के बीच नाटक एक महत्वपूर्ण संदेश भी देता है कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है।
कहानी के माध्यम से यह दिखाया गया कि नशे की आदत रिश्तों में तनाव, मानसिक परेशानी और पारिवारिक विघटन का कारण बनती है। नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर मंचित इस प्रस्तुति ने समाज को यह सोचने पर मजबूर किया कि नशे से दूरी ही सुखी जीवन की कुंजी है। सशक्त संवाद, हास्य से भरपूर दृश्य और प्रभावी मंचन ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नाटक के समापन पर दर्शकों ने कलाकारों और पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। बड़ी संख्या में पहुंचे रंगकर्म प्रेमियों ने प्रस्तुति का आनंद लिया और इसे मनोरंजन के साथ सामाजिक जागरूकता फैलाने वाला सार्थक प्रयास बताया।

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