सड़कों पर रेत-गिट्टी के ढेर बने जानलेवा जाल
झालावाड़-बारा मेगा हाईवे पर स्टॉक वालों का अतिक्रमण
खानपुर। झालावाड़-बारा मेगा हाईवे पर रेत व गिट्टी के स्टॉक वालों द्वारा किए अतिक्रमण से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोड किनारे बनाए गए ढेरों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। बाइक चालक कई बार गिट्टी के ढेर पर चढ़ जाते हैं। जिससे पत्थर उछलकर ऊपर आ जाते हैं और चोटिल होने का खतरा रहता है। रात में ये ढेर स्पष्ट नजर नहीं आते जिससे वाहन चालक सीधे उन पर चढ़ जाते हैं और बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। हाईवे पर दिन-रात भारी ट्रैफिक चलता है। नियम अनुसार 132 फीट की दूरी छोड़कर स्टॉक डाला जा सकता है, लेकिन स्टॉक वालों ने सड़क से सटाकर गिट्टी-रेत डाल रखी है। इससे आवागमन में कठिनाई हो रही है और गंभीर हादसे का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोजाना स्कूल छात्र भी यहां से गुजरते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है।
बडे हादसे का अंदेशा
यहा फैल रही रेत और गिट्टी कई बार वाहनों के गुजरने के दौरान उछलकर पास से निकल रहे राहगीरों का चोटिल कर देती है। जिससे राहगीर घायल हो जाते है। वहीं रेत में वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है। जिससे कई बार बडी दुर्घटना घटित होते होते बची है। अगर समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो किसी दिन बडी दुघर्टना हो सकती है। जिसका खामियाजा राहगीरों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ सकता है।
इनका कहना है
हाईवे पर गिट्टी के बड़े ढेर लगाए जाने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
- रामसिंह यादव, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष
स्टॉक वालों की वजह से रोड पर अतिक्रमण हो रहा है। रात के समय ढेर नजर नहीं आते और कभी भी भीषण हादसा हो सकता है।
- सागर यादव, कस्बेवासी।
इस रोड पर लोग टहलने भी निकलते हैं। कई बार ढेर से टकराकर गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। इन्हें हटाया जाना चाहिए।
- राजाराम गुर्जर, उपाध्यक्ष, पूर्व कृषि उपज मंडी
मैं रोजाना साइकिल से लाइब्रेरी पढ़ने जाता हूं। कई बार गिट्टी के ढेर से उसकी साइकिल टकरा चुकी है।
- आशिक वर्मा, छात्र।
रेत व गिट्टी के टीलों के कारण रोड स्पष्ट नहीं दिखता और दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
- सुनील तेजी, समाजसेवी।
इस हाईवे से कई गांव जुड़े हैं। ग्रामीण रात में भी यहां से गुजरते हैं और खतरा बना रहता है।
- केशव लक्षकार, समाजसेवी।
स्टॉक हटाने के लिए दो बार नोटिस दिया जा चुका है। पहले भी इन्हें हटाया गया था, लेकिन फिर से अतिक्रमण कर लिया गया है। अब पुन: नोटिस जारी कर ढेरों को तुरंत हटवाया जाएगा।
- अमित गर्ग, रीडकोर प्रोजेक्ट मैनेजर, खानपुर।

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