गिरदावरी में गड़बड़ी, मार झेल रहे किसान

गेहूं की जगह दर्ज कर दी सरसों की फसल

गिरदावरी में गड़बड़ी, मार झेल रहे किसान

सरकारी केन्द्रों पर बेचने में हो रही परेशानी।

कोटा। जिले में मेहनतकश किसानों की समस्याएं थमने का नाम नहीं ले रही है। धरतीपुत्रों ने कड़ी मेहनत कर खेतों में गेहूं फसल की बुवाई थी, लेकिन जब फसल कटाई के बाद बेचने का समय आया तो गिरदावरी में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही है। हालात यह है कि पटवारियों ने किसानों की गिरदावरी में गेहूं की जगह सरसों की फसल दर्ज कर दी है। इससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि खेत में जिस फसल की बुवाई की है, उसे गिरदावरी में बदल दिया है। इससे किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने में परेशानी हो रही है। सरकारी केन्द्रों पर उपज बेचने के लिए गिरदावरी की जरूरत होती है। ऐसे में अब किसानों को इस समस्या के समाधान के लिए विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। 

खरीद केन्द्रों पर पहुंचे तो सामने आया सच
किसान रामजीलाल व हर्षवर्धन ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में गेहूं की बुवाई की थी। इस दौरान पटवारी की ओर से ऑनलाइन गिरदावरी की गई थी। जिसमें गेहूं की जगह सरसों की फसल दर्शा दी गई। जब वह समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए सरकारी केन्द्रों पर पहुंचे तो ऑनलाइन गिरदावरी में गलत फसल दर्ज होने की जानकारी मिली। गिरदावरी के बिना कोई भी किसान सरकारी केन्द्रों पर अपनी फसल नहीं बेच सकता है। ऐसे में सरकारी केन्द्रों पर मौजूद कर्मचािरयों ने उनकी गेहूं फसल की सरकारी कांंटे तुलाई नहीं की। जिससे उनकी निराश होकर लौटना पड़ा। इस सम्बंध में अब पटवार कार्यालय पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। 

सरकारी केन्द्रों पर गेहूं बेचने की होड़
कोटा जिले सहित हाड़ौती में इस साल गेहूं का बम्पर उत्पादन हुआ है। वहीं सरकार ने भी किसानों को राहत देने के लिए इस बार समर्थन मूल्य और बोनस को बढ़ा दिया है। इस कारण किसानों में सरकारी केन्द्रों पर गेहूं बेचने की होड़ मची हुई है। जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थित सरकारी केन्द्रों पर इन दिनों में काफी संख्या में किसान गिरदावरी लेकर गेहूं बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। इसी दौरान कई किसानों की गिरदावरी में फसलों के सॅम्बंध में गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। खरीद केन्द्र के कर्मचारी उन्हें संशोधित गिरदावरी लाने के बाद ही बाद ही फसलों की तुलाई करवाने के बारे में समझाइश कर  भेज रहे हैं।

इनका कहना है
ऑनलाइन गिरदावरी में गलत फसल दर्ज होने के कारण समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन गिरदावरी में संशोधन के लिए चक्कर लगाना पड़ता है।
- नेमीचंद नागर, किसान 

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खरीद केन्द्रों पर गिरदावरी में गेहूं की जगह सरसों की फसल दर्ज करने के कई मामले हमारे सामने आ रहे है। सही गिरदावरी लाने के बाद किसानों की फसल की तुलाई करवाई जा रही है। 
- विष्णुदत्त शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, राजफैड

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अगर किसी किसान की गिरदावरी में गलत फसल दर्ज हो गई तो वह तहसील परिसर में आकर संशोधन करवा सकता है। गिरदावरी में गेहूं की जगह सरसों की गलत फसल दर्ज होने को सुधारा जाएगा।
- रामनिवास, नायब तहसीलदार

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