असर खबर का : 10 महीने बाद एमबीएस अस्पताल की नई ओपीडी में गूंजा 'पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम', पूछताछ केंद्र पर भीड़ घटी

अब लाउडस्पीकर से मिल रही काउंटर, डॉक्टर और जांच संबंधी जानकारी

असर खबर का : 10 महीने बाद एमबीएस अस्पताल की नई ओपीडी में गूंजा 'पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम', पूछताछ केंद्र पर भीड़ घटी
खबर के प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुधारा सिस्टम।

कोटा। एमबीएस अस्पताल की नई ओपीडी में पिछले 10 महीने से बंद पड़ा 'पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम' आखिरकार फिर से चालू हो गया है। सिस्टम शुरू होने से अब अस्पताल आने वाले हजारों मरीजों और उनके परिजनों सहित ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी राहत मिल रही है। पहले जहां हर नये आगन्तुकों को अस्पताल के काउन्टरों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ केन्द्र पर बैठे व्यक्ति के सामने कतार में लगना पडता था। वही अब लोगों को सामान्य जानकारीयांं यहां से प्रसारित होने लगी है।

मेन हाल में भीड़ न लगाए,जेब कतरों से सावधान
भीड़ में अपने कीमती सामान पर्स व मोबाइल का ध्यान रखें, प्रवेश हॉल में बेवजह भीड़ न लगाए जैसी उद्घोषणाएं अब यहां से शुरू हो गई है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क करने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।

सिस्टम बंद होने से मरीजों को हो रही थी भारी परेशानी
पिछले 10 महीने से पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम बंद रहने के कारण दूर-दराज से आने वाले और पहली बार पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। पर्ची कटवाने से लेकर डॉक्टर का कमरा ढुंढने, एक्स-रे, जांच लैब की जानकारी के लिए भी परेशानी होती थी। साथ ही सामान्य जानकारी के लिए भी हर व्यक्ति को पूछताछ कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था।

सिस्टम चालू होने से मिला यह फायदा
जानकारी के अभाव व अस्पताल में होने वाले इलाज के विभिन्न चरणों के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। आम तौर पर डॉ. की उपलब्धता व कमरा नम्बर, विभिन्न काउन्टरों की जानकारी के अलावा ओपीडी के बाहर होने वाली जांचों व दवा की उपलब्धता के लिए भी लोग कई बार एक दुसरे से पूछते रहते थे। ऐसे में इससे प्रसारित सामान्य जानकारीयों से काफी हद तक लोगों को लाभ मिलने लगा है।

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खबर का हुआ असर
अस्पताल में बंद पडे उद्घोषणा केन्द्र के माईक व आमजन को हो रही परेशानी के विषय पर 10 जुलाई को ''पूछते पूछते गंगा जी जाने जैसे हालात'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को इसे ठीक करवाया गया है।
पहले यहां हर छोटी जानकारी के लिए पूछताछ केन्द्र पर जाना पडता था। आज अनाउसमेंट सेवा बहाल होने से अब काउंटरों पर सही कतार जुटाना बेहद आसान हो गया है। साथ ही, लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार प्रसारित हो रही सामान्य जानकारियों और पूछताछ के कारण मरीजों को बार-बार पूछताछ केंद्र पर भटकना नहीं पड़ रहा है।
-दीपक परिजन नान्ता

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प्रशासन का पक्ष
मामला जानकारी में आने के तुरंत बाद संबंधित को निर्देशित कर सिस्टम को ठीक करवा दिया गया है। यह अब पूरी तरह कार्य कर रहा है। इससे अस्पताल आने वाले हर मरीज को सही व स्पष्ट जानकारी मिल पा रही है। पूछताछ केंद्र के अलावा अन्य आवश्यक जानकारी देने में भी यह बहुत उपयोगी है।
— डॉ. राकेश सिंह, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल

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