पर्ची लेकर भटकते मरीज, 3 बजे बाद बंद जांच व दवा काउंटर
पहले ओपीडी के बाद भी एक घन्टा अधिक खुलते थे दवा काउन्टर
कोटा। हाड़ौती संभाग के सबसे बड़े महाराव भीमसिंह अस्पताल में दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से इलाज की आस में पहुंचे मरीजों को डॉक्टर से परामर्श मिलने के बावजूद दवाइयों के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। दोपहर 3:00 बजे ओपीडी समाप्त होते ही अस्पताल के दवा वितरण काउंटर बंद हो गए, जिससे गंभीर बीमारियों से पीड़ित दर्जनों मरीज और उनके परिजन हाथ में डॉक्टर का पर्चा थामे दवा के लिए भटकते रहे। यही हाल जाँच केन्द्रों एक्स रे व सोनोग्राफी का भी है।अस्पताल परिसर में काउंटर बंद होने के बाद परेशान हो रहे मरीजों ने अपनी-अपनी आपबीती सुनाई।
सभी विभाग एक साथ बंद मरीज बेहाल
एमबीएस अस्पताल में ओपीडी समय, लैब सैंपल कलेक्शन और दवा वितरण काउंटर तीनों का समय एक ही निर्धारित है। यदि कोई डॉक्टर मरीज को 2:50 या 3:00 बजे तक देख रहा है, तो मरीज को पर्ची लेकर काउंटर तक पहुंचने में 5 से 10 मिनट का समय लगता है। ऐसे में मरीज के पहुंचते ही काउंटर बंद हो जाने पर मरीज को दवा व जाँच के बिना ही घर लौटना पड़ता है। यह व्यवस्था अव्यावहारिक है। कई मरीजों को घंटों इंतजार के बाद पर्चे पर 'नॉट सप्लाई' लिखकर चलता कर दिया गया।
पेट में तेज दर्द,काउंटर बंद
दवा काउन्टर पर कपिल ने बताया कि वह तेज पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आया था। 2:56 बजे वह नीचे दवा लेने पहुंचा, तो काउंटर पर ताला लटक चुका था।
ब्लड शुगर की गंभीर समस्या
बूंदी जिले के तीरथ गांव से आए राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि कर्मचारियों ने उनके सामने ही काउंटर बंद कर दिया और उन्हें दवा नहीं मिल सकी।
फोटोकॉपी के चक्कर में काउन्टर बंद
मोटरसाइकिल से गामछ से सफर तय करके आए बुजुर्ग बाबूलाल ने बताया कि कर्मचारियों ने उनसे पर्चे की फोटोकॉपी (जेरॉक्स) कराने को कहा। जब वे वापस पहुंचे, तब तक काउंटर बंद कर दिया गया था।
गले में परेशानी जाँच पर्ची से देरी
घासीराम ने बताया कि वे गले के इलाज के लिए ईएनटी विभाग में डॉक्टर को दिखाने आए थे। रेजीडेन्ट डॉक्टर ने जांच कर पर्ची तो बना दी, लेकिन नीचे काउंटर बंद होने की वजह से उन्हें दवा नहीं मिल पाई।
सुरेश (जुकाम व खांसी के मरीज)
सुरेश ने बताया कि उन्होंने दोपहर बंद होने से महज 10 मिनट पहले डॉक्टर को दिखाया था। डॉक्टर रूम में बैठे थे और पर्चा भी लिख दिया, लेकिन नीचे पहुंचने पर दवा काउंटर बंद मिला।
पहुंचा ही था कि विण्डों बन्द कर दी
पवन ने बताया कि उसके लिए डॉक्टर ने महज 10 मिनट पहले दवा लिखी थी। वह डॉक्टर के कमरे से नीचे दवा काउंटर तक पहुंचा ही था कि विंडो बंद कर दी गई।
न्यूरो- सिर दर्द के लिए झालावाड़ से आए
अमलावदा से आए रामगोपाल ने बताया कि वे सिर दर्द की गंभीर समस्या के कारण न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाने आए थे। लेकिन नीचे दवा वितरण केंद्र से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
कान में संक्रमण अब जाँच व दवा के लिए कल आना
रंगपुर से आई रवीना ने बताया कि वे कान में दानों की समस्या को लेकर ई.एन.टी. विभाग में दिखाने आई थीं। दवा काउंटर बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहले भी नवज्योति की पहल पर खुले थे काउन्टर
ऐसी ही स्थिति के चलते पहले भी नवज्योति की पहल पर ओपीडी समय से 1 घन्टा अधिक 2 दवा काउन्टरों को अलग से शेड्यूल बना कर खोला गया था। पहले ओपीडी समय सुबह 8 से 2 होने के चलते मरीजों को ऐसी ही परेशानी के कारण यह व्यवस्था की गई थी जिसमें 2 दवा काउन्टरों को 3 बजे तक खोला जा रहा था। जिससे मरीज को जाँच आदि कराने के बाद भी दवा मिल रही थी।
अस्पताल में आए मरीज काे पर्ची पर लिखी दवा मिलने में टाईमिंग को लेकर आ रही परेशानी दूर करने के लिए एक दो दवा काउन्टरों के समय में परिवर्तन किया जाएगा। मरीजों को यदि आपीडी समय में चिकित्सीय सलाह मिल गई तो उसे जांच या दवा भी मिलना चाहिए। मरीजों की सुविधा के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं करवाई जाएगी।
- डॉ राकेश सिंह ,अधीक्षक एमबीएस अस्पताल कोटा

Comment List